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यस बैंक में 35 सौ कर्मचारियों के जीपीएफ के साढ़े 4 करोड़ फंसे

एक वर्ष पहले
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वित्तीय संकट में फंसे यस बैंक में एचवीपीएनएल के ही नहीं डीएचबीवीएनल के भी करोड़ों रुपये जमा है। डीएचबीवीएनल के हिसार आॅफिस का ये पैसा कर्मचारियों का जीपीएफ है। डीएचबीवीएन ने करोड़ों रुपये की एफडी बैंक में ज्यादा ब्याज के लालच में जमा करा दी थी। डीएचबीवीएन के हिसार स्थित मुख्यालय के अंडर करीब 3500 कर्मचारी हैं।

इनका जीपीएफ का करीब 85 करोड़ रुपये की एफडी अलग अलग बैंक में जमा है। इनमें से करीब साढ़े 4 करोड़ रुपये यस बैंक में जमा हैं। इसके अलावा एचवीपीएनएल व यूएचबीवीएन सहित करीब 42 सौ कर्मचारियों पर इसका प्रभाव पड़ा है। एचवीपीएनएल मदर कंपनी है। जिसका करीब 1 हजार करोड़ रुपये बैंक में जमा है।

कर्मचारियों में भय का माहौल : बिजली निगम के कर्मचारियों का ईपीएफ का पैसा यस बैंक में जमा होने की सूचना के बाद कर्मचारियों में भय का माहौल है। इसके अलावा वे लोग जिनके यस बैंक में अकाउंट है उनके लिए भी मनी संकट खड़ा हो गया है। लोग दिन भर बैंक व एटीएम के चक्कर काटते रहे। मगर किसी एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे।

जानिए... यह है बैंकों में पैसा जमा कराने की प्रक्रिया

डीएचबीवीएन के अधिकारियों की मानें तो उन बैंकों में पैसा जमा कराया जाता है जो ब्याज का रेट ज्यादा देते हैं। इस प्रक्रिया से पहले अलग अलग बैंकों से कोटेशन मांगी जाती है। इन कोटेशन के आधार पर जिस बैंक का ज्यादा ब्याज मिलता है उन्हीं को पैसा जमा करा दिया जाता है। डीएचबीवीएन ने यस बैंक में छह माह के लिए एफडी कराई थी। फिलहाल इस एफडी का टर्म पूरा होने वाला था।


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