- Hindi News
- Local
- Haryana
- Hisar
- Hisar News Haryana News Hau Will Produce 2500 Varieties Of Linseed Farmers Will Be Trended Budget Of Rs 90 Lakh Released
अलसी की 2500 किस्में पैदा करेगा एचएयू, किसानों काे किया जाएगा ट्रेंड, 90 लाख रुपये का बजट जारी
अब एचएयू अलसी की 2500 से अधिक किस्में काे पैदा करेगा। साथ ही अलसी पर रिसर्च भी की जाएगी। इसके लिए भारत सरकार ने कुल 22.55 कराेड़ के प्राेजेक्ट काे स्वीकृति दी है। इसमें से अकेले 90 लाख का बजट एचएयू के लिए स्वीकृत किया गया है।
जल्द ही अलसी पर एचएयू में काम शुरू किया जाएगा। यही नहीं यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट अन्य किसानों काे भी अलसी के प्रति ट्रेंड कर सकेंगे। दरअसल, प्रदेश में अलसी की खेती व्यापक स्तर पर नहीं की जाती है। खेती काे बढ़ावा देने और रिसर्च के उद्देश्य से प्राेजेक्ट के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
एचएयू के कुलपति डाॅ. केपी सिंह ने बताया कि प्राेजेक्ट का टाइटल लिवरेजिंग जेनेटिक रिसोरसिस फॉर एक्सेलिरेटिड जेनेटिक इंपरूवमेंट ऑफ लिनसिड (अलसी) यूसिंग कांपरेहैन्सिव जेनोमिक्स एंड फिनोटाइपिंग एपरोचिस है, जोकि भारत के माइनर ओयलसीड ओरोजिन प्रोग्राम के तहत दिया गया है। इस प्रोजेक्ट में एचएयू को नब्बे लाख (90.357) की राशि प्रदान की गई है। इस प्रोजेक्ट की अवधि पांच साल है और इसमें एचएयू सेलेनिटी कोंपोनेंट पर अलसी के फिनोटाइपिंग और डिवेलपमेंट आफ मैपिंग पोपूलेशन पर काम करेगा। इस प्रोजेक्ट की पी.आई. डॉ. अनीता कुमारी, कोपीआई डॉ. रेनु मुंजाल तथा डॉ. राम अवतार हैं। इस अनुसंधान के तहत 2500 अलसी की विभिन्न किस्मों पर काम किया जाएगा।
अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके सहरावत ने तीनों वैज्ञानिकों कों बधाई दी और बताया कि एचएयू में पहली बार अलसी की इतनी अधिक किस्मों पर कार्य होगा। रिसर्च और फसल की नई किस्माें काे पैदा करने के बाद आसपास के किसानों काे भी ट्रेंड किया जाएगा।
जानिए क्या है असली...
अलसी या तीसी समशीतोष्ण प्रदेशों का पौधा है। रेशेदार फसलों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। अलसी के बीज से निकलने वाला तेल प्रायः खाने के रूप में उपयोग में नहीं लिया जाता है बल्कि दवाइयां बनाई जाती हैं। इसके रेशे से मोटे कपड़े, डोरी, रस्सी और टाट बनाए जाते हैं। इसके बीज से तेल निकाला जाता है और तेल का प्रयोग वार्निश, रंग, साबुन, रोगन, पेंट तैयार करने में किया जाता है। चीन इसका सबसे बड़ा उत्पादक देश है। रेशे के लिए सन को उपजाने वाले देशों में रूस, पोलैण्ड, नीदरलैण्ड, फ्रांस, चीन तथा बेल्जियम प्रमुख हैं और बीज निकालने वाले देशों में भारत, संयुक्त राज्य अमरीका तथा अर्जेण्टाइना के नाम उल्लेखनीय हैं।