जीवन संघर्ष से भरा, परिवार के साथ के बिना सफलता पाना नामुमकिन : डॉ. मीरा सिवाच
सत्य व संघर्ष की कहानियां तो हर कोई पढ़ता है पर हकीकत में कठिनाइयों का सामना कर अपने संघर्ष और जुझारूपन के दम पर सबके बीच स्थान बनाने वाली महिला बेहद कम होती है। खास तौर पर अपने जीवन से ली गई सीख से समाज की अन्य महिलाओं को प्रेरित करने वाली महिला। ऐसे में एक नाम गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक के अकाउंट विभाग में कार्यरत डॉ. मीरा सिवाच का भी आता है। वह संघर्षपूर्ण जीवन से निकलकर परिवार का साथ पाने के बाद एक ऐसे पद पर कार्यरत होना जहां हर विद्यार्थी उनका सम्मान करे व उनके बताए गए दिशा निर्देशों की पालना कर अपना जीवन का सपना भी साकार करते हैं। ऐसे में आज के समय में महिलाओं से संबंधी परेशानियों को अपने सामने देख कर छात्राओं के लिए आगे बढ़ने की टिप्स के साथ उन्हें प्रेरित करना चाहती है। वे चाहती हैं कि लड़कियां परिस्थितियों से बिना घबराय अपने लक्ष्य की ओर अग्रसित रहें और शिक्षा के माध्यम से अपना व अपने परिवार का भविष्य संवारे। वे भी वर्तमान में जिस स्थान पर हैं उसमें उनके परिवार का स्नेह व विश्वास है। पति व बेटा निशांत हर वक्त आगे बढ़ने के लिए प्रेरित न करते तो आज इस मुकाम पर भी पहुंचना आसान न होता। विश्वविद्यालय में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर सबसे अधिक खुश होने वाले परिवारजन ही थे जिन्होंने सभी के सामने गर्व से मुझे अपने घर की बहू बताया। परिवार का साथ व विश्वास बनाए रखने से ही हर कोई आगे बढ़ सकता है।