उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत : बिमला
सेक्टर 16-17 स्थित स्मॉल वंडर स्कूल में जनवादी महिला समिति की तरफ से आयोजित सेमिनार में सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं। सेमिनार की अध्यक्षता एचएयू की रि. प्रोफेसर कृष्णा खामरा, सामाजिक कार्यकर्ता एमके मुर्खीजा, संचालन महिला समिति की कोषाध्यक्ष बबली लांबा व सुनीला सिंह ने किया। सेमिनार में महिला कुश्ती कोच उषा शर्मा ने लड़कियों व महिलाओं पर होने वाली हिंसा के खिलाफ लड़ने व खेलों में आगे आने का आह्वान किया। सबसे पहले स्कूल के डायरेक्टर विनोद खुराना ने महिला व मेहमानों का स्वागत किया व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई संदेश दिया। मुख्य वक्ता के तौर पर शकुंतला जाखड़ उपस्थित रही।
उन्होंने कहा कि महिला दिवस महिलाओं के संघर्षों, उपलब्धियों व बलिदान का इतिहास है। वर्तमान में विभिन्न तरह की हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए महिलाओं को रोजगार की सख्त जरूरत है। इसलिए सरकार को रोजगार उपलब्ध करवाने चाहिए। लेकिन सरकार द्वारा रोजगार देने की बजाय रोजगार के महकमों, संसाधनों, एयर इंडिया, रेलवे, रोडवेज, बैंक, बीमा, बीएसएनल, भारतीय पेट्रोलियम, खनिज को ही बेचा जा रहा है। इसके खिलाफ लड़ने की जरूरत है।
मुख्यातिथि महिला थाना की इंचार्ज बिमला घिराय ने कहा कि महिलाओं में अपार संभावनाएं हैं एक महिला 3 परिवारों को संभालती है फिर भी उत्पीड़न जारी है। जिसके खिलाफ सबको मिलकर आवाज उठाने की जरूरत है। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता नीलम सुंडा, उषा जग्गा, उर्मिला बूरा, गुरप्रीत कौर, प्रगति सिंह, उषा व रिमा बेनीवाल ने विचार रखें। महिला दिवस के मौके पर संस्कृति प्रोग्राम डांस व संगीत, कविताएं भी सुनाई गई जिसमें कल्पना जाखड़, शांति, बिदामो, गुरप्रीत कौर, टीसा, रिचा, कृष्णा, मीना, सुनीता, पूनम ग्रेवाल, शीला, डॉ. बाला, सरोज, शकुंतला, प्रगति, दिनेश सिवाच, सुनीता सिवाच, विक्रम मित्तल ने भागीदारी की। विशेष अतिथि के रूप में सीनियर सिटीजन एथलेटिक 70 वर्षीय हरप्यारी ढिल्लों व अलग-अलग संघर्षों में शामिल महिलाओं और सांस्कृतिक प्रोग्राम में शामिल महिलाओं को सम्मानित किया गया।
जनवादी महिला सम्मिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं।