पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

हिसार के फ्लाइंग स्कूल काे करनाल में शिफ्ट करने की चल रही तैयारी

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

हिसार का फ्लाइंग स्कूल करनाल में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। एयरक्राप्ट पहले ही शिफ्ट किए जा चुके हैं। फ्लाइंग स्कूल का समान भी करनाल में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों ने पत्र लिखा है। जाे सामान सही हाेगा उसे यहां पर शिफ्ट किया जाएगा। हिसार में घरेलू हवाई अड्डा बनने के बाद से ही इसे शिफ्ट करने की अंदर खाते ही तैयारी चल रही है।

करनाल हवाई पटटी पर पहलेे ही फ्लाइंग स्कूल चल रहा है। यहां पर तीन एयरक्राप्ट हैं। पिंजौर में छाेटी हवाई पटटी है अाैर वहां पर चार एयरक्राप्ट हैं। करनाल हवाई पटटी तीन हजार मीटर है। इसे पांच हजार मीटर करने की प्लानिंग पिछले कई सालाें से चल रही हैं। इसके लिए जमीन का भी अधिग्रहण किया जाना है। कई बार जमीन अधिग्रहण के लिए सर्वे किया जा चुका है। सरकार ने इस बजट में करनाल हवाई पटटी काे हवाई अड्डा बनाने की प्लानिंग में डाला हुअा है। सीएम मनाेहर लाल करनाल में हवाई अड्डा बनाने काे लेकर गंभीर हैं। पिछले दिनाें अधिकारियों की बैठक भी ली थी। अधिकारियों की टीम ने यहां का दाैरा भी किया था। हिसार फ्लाइंग स्कूल के सामान काे करनान शिफ्ट करने के लिए पत्र भी लिखा है। वहां के कर्मचारियाें काे वेतन भी हवाई अड्डा की अाेर से मिल रहा है। वहां पर एक एयरक्राप्ट इंजीनियर ने करनाल में ट्रांसफर करवाने के लिए विभाग काे लिखा हुअा है। वहां के कई कर्मचारी भी करनाल अाने के इच्छुक हैं।

{सामान काे करनाल भेजने के लिए लिखा पत्र

फ्लाइंग स्कूल में 200 घंटे की दी जाती है ट्रेनिंग

करनाल के फ्लाइंग स्कूल में 200 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है। एेसी ट्रेनिंग देकर किसी भी व्यक्ति काे कॉर्मशियल पायलेट बनाया जा सकता है। यहां दस बच्चाें पर एक इंस्टेक्टर लगाया हुअा है। स्कूल में दाखिले के लिए सिविल एविएशन मिनिस्टरी द्वारा तय मापदंड अपनाए जाते हैं। स्कूल में दाखिला के नाॅन मेडिकल साइड से कम से कम 12वीं पास हाेना अनिवार्य है। अंग्रेजी पर कमांड वाले विद्यार्थाियाें काे प्राथमिकता दी जाती है।
खबरें और भी हैं...