प्रॉपर्टी सर्वे का काम पूरा, 4 साल लंबे इंतजार के बाद शहरवासियों को मिलेंगे टैक्स के बिल
जियो टैगिंग से किया सर्वे, अब ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा
चार साल के लंबे अंतराल के बाद शहर के लोगों को अब उनकी प्रॉपर्टी टैक्स के बिल मिलेंगे। नगर परिषद द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर कराया जा रहा सर्वे पूरा हो गया है। सर्वे पूरा होने के बाद कंपनी द्वारा बिल बांटने का काम कराया जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे याशी कंसल्टेंसी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा किया गया। सर्वे जियो टैगिंग द्वारा किया जा रहा था। सर्वे ऑनलाइन दर्ज हो रहा है। कर्मचारियों द्वारा वार्डों में डोर टू डोर जाकर सर्वे किया गया। सर्वे के बाद कंपनी द्वारा बिल बांटे जाएंगे। प्रॉपर्टी टैक्स के यह बिल लोगों को चार वर्षों के बाद मिलने वाले हैं। इसके बाद ही उन्हें पता लगेगा कि उनके भवन का कितना टैक्स बकाया है।
सर्वे का कार्य पिछले वर्ष फरवरी में शुरू हुआ था। कंपनी के कर्मचारियों ने काम बीच में रोक दिया था। सर्वे पिछले वर्ष दुबारा शुरू हुआ। अब सर्वे लगभग पूरा हो गया है। कंपनी का कहना है कि सर्वे 99 प्रतिशत तक हो गया है। अब जिन भवनों का सर्वे नहीं हुआ या फिर जिनकी कोई शिकायत है उसको लेकर सर्वे चल रहा है। कंपनी द्वारा सर्वे ज्यादातर पूरा कर लिया गया है।
बकाया टैक्स पर लगेगा 18 प्रतिशत ब्याज
प्रॉपर्टी टैक्स देने में लोगों ने पिछले काफी समय में रुचि कम दिखाई। इससे परिषद टैक्स की आमदनी का टारगेट भी पूरा नहीं कर पाई। अब जाकर लोगों को बिल मिलेगा। बिल उनके पिछले बकाया टैक्स सहित होगा। वैसे तो बिल चार वर्ष पूर्व बंटे थे। लेकिन काफी संख्या में लोग ऐसे भी है जिन्होंने तब भी टैक्स नहीं भरा था। अब उनके आखिरी बार टैक्स जमा करवाने के बाद से ही बिल तैयार होगा। जिन्होंने पूर्व में कभी टैक्स जमा नहीं करवाया, उन्हें काफी परेशानी होने वाली है। क्योंकि एक साथ भारी भरकम टैक्स का बिल मिलेगा। वहीं टैक्स पर 18 प्रतिशत ब्याज प्रति वर्ष की दर से लगता है। पिछले टैक्स के साथ ही ब्याज भी देना पड़ेगा। परिषद में ज्यादातर वही लोग टैक्स भरने में रुचि दिखाते हैं जिन्हें एसेसमेंट चाहिए होती है या फिर तबदीलीकरण करवाना होगा। सरकार द्वारा जारी छूट का भी लोग फायदा उठाने से वंचित रहते हैं। फिलहाल कोई छूट नहीं है।
इतनी है प्रॉपर्टी और टारगेट
शहर में कुल 38 हजार 287 प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट हैं। अब यह टैक्स यूनिट बढ़ने की संभावना है। प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर आखिरी सर्वे 2010 में हुआ था। प्रॉपर्टी टैक्स का बिल बांटने का काम वित्तीय वर्ष 2013-14 व 15-16 में हुआ था। इसके बाद से कभी बिल नहीं बंटे। वित्त वर्ष 2018-19 में परिषद में 67 लाख प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ था। इस वित्त वर्ष में 1 करोड़ 90 लाख रुपये का टारगेट है।
सर्वे का कार्य हमारे द्वारा लगभग पूरा हो गया है। जो बचा हुआ काम है, जो सर्वे में रह गए थे, अब उनका सर्वे कर रहे हैं। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार होगी।\\\'\\\' -मनजीत ठाकुर, इंचार्ज, सर्वे कंपनी।
यह चाहिए होते हैं दस्तावेज प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के लिए कंपनी के कर्मचारियों को भवन मालिक की एक आईडी, जमीन संबंधित दस्तावेज व बिजली बिल की कॉपी दिखानी होगी। आईडी आधार कार्ड, वोटर कार्ड, डीएल कुछ भी हो सकता है। वहीं, किसी का सर्वे रह जाए तो परिषद में कंपनी के कर्मचारियों या अधिकारियों की सूचना देकर सर्वे करवा सकते हैं।