सीएए और एनपीआर को लेकर जनसंगठनों ने किया सेमिनार
शहर के लक्ष्मी विहार स्थित मजदूर भवन में गुरुवार को विभिन्न जन संगठनों ने नागरिक संशोधन कानून के विरोध में सेमिनार का आयोजन किया। अध्यक्षता कर्मचारी नेता वजीर सरोहा व संचालन खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव रोहतास राजली ने किया।
सेमिनार में मुख्यवक्ता के तौर पर बागवानी विभाग के रिटायर्ड जिला अधिकारी डॉ. बलजीत सिंह भ्याण ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश में हालात इतने खस्ता हैं कि आज मजदूर, किसान, नौजवान बेरोजगार सब भुखमरी की चपेट में हैं। लोग ईलाज के बिना मर रहे हैं लाखों लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ रहा है व महंगाई चरम सीमा पर है। उन्होंने कहा कि इसका कारण सरकार द्वारा सभी मुनाफा कमाने वाले विभागोंं अथवा संसाधनों को अपने चेहतों के हाथों में लूटने के लिए दिया जा रहा है। बलजीत भ्याण ने कहा कि भविष्य में 2021 की जनगणना में नागरिकता कानून का रजिस्टर बनाने के बहाने लोगों से ऐसे सवाल पूछे जाएंगे जो लोगों के जीवन को प्रभावित करेंगे। क्योंकि इस रजिस्टर से संबंधित दस्तावेज अधिकतर लोगों के पास नहीं होंगे। इसके विरोध में सभी प्रगतिशील जन संगठन व आम लोग 23 मार्च को क्रांति मान पार्क हिसार में इकट्ठे होकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे व देश में अमन शांति की अपील करेंगे। इस अवसर पर दर्शन सिंह गिल, जीतू सरदाना, जय सिंह वर्मा, राजेश सरसौद, रोहतास राजली, रामफल बौद्ध, रामफल बरवाला, राजू बरवाला, धर्मवीर खेड़ी बर्की, ऋषिकेश राजली, सरदानंद राजली, दिलबाग सिंह, सुभाष पैंतिया, पुष्पेंद्र रहेजा, मनोहर लाल, धर्मवीर बजाज सहित विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।