शरीर एक खेत है इसमें जैसा बोओगे वैसी ही फसल तैयार होगी : धर्ममुनि

Hisar News - कुछ लोग नशा करके बदत्तर जिंदगी जीते हैं। वह नशे की दलदल से अगर निकलना चाहें तो गुरु के ज्ञान के द्वारा नशे को छोड़कर...

Aug 20, 2019, 08:20 AM IST
कुछ लोग नशा करके बदत्तर जिंदगी जीते हैं। वह नशे की दलदल से अगर निकलना चाहें तो गुरु के ज्ञान के द्वारा नशे को छोड़कर दुनिया में अपनी अलग से पहचान बना सकते हैं।

यह बात धर्ममुनि महाराज ने माजरा में चतुर्थ मास पर श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहे। उन्होंने कहा कि जब साधु बोलते हैं तो उनके मुख से ज्ञान रूपी गंगा बहती है। लोगों को उनके वचन सुनकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान भी कर्म करने वाले को फल देते हैं। शरीर एक खेत है इसमें सब कुछ मौजूद है। इसे जैसा तैयार करोगे, वैसी ही फसल तैयार हो जाएगी। चतुर्थ मास में जो श्रद्धालु हर रोज कथा सुनते हैं, वह अपने विकारों को छोड़ देते हैं। बड़ा नशा करने वाले युवक ने भी लगातार कथा सुनी तो उसने नशे को त्यागकर अपना जीवन समाज सेवा के लिए अर्पित कर दिया।

माजरा में प्रवचन के दौरान विचार रखते धर्ममुनि।

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