शहर की नई सरकार का पहला बजट पास

3 वर्ष पहले
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नगर निगम प्रशासन ने गुरुवार को 2019-20 का बजट पेश किया। शहर की नई सरकार का यह पहला बजट था। 17 पार्षदों की मौजूदगी में निगम हाउस की 2 घंटे चली बैठक में 73.18 करोड़ का बजट पास किया। एक घंटे से अधिक समय तक आय और खर्च के ब्योरा से ज्यादा निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहा। बैठक में पार्षदों ने भ्रष्टाचार से जुड़े छह मुद्दे उठाए। जिस पर कमिश्नर ने केवल हाउस टैक्स शाखा के बिलों के सर्वे व अन्य खामियों की विभागीय जांच बैठाने के निर्देश दिए।

लंबे समय से शाखा में बिलों में घालमेल के कारण जनता की परेशानी को भाजपा पार्षद भूप सिंह रोहिल्ला ने उठाते हुए विजिलेंस जांच की मांग की। हालांकि मेयर के हस्तक्षेप के बाद विभागीय जांच का प्रस्ताव पास हो गया। पार्षद महेंद्र जुनेजा बोले जांच होगी मगर कब तक ये भी बताओ। इस पर कमिश्नर अशोक गर्ग ने कहा कि एक कमेटी गठित करेंगे जो 3 माह में हाउस टैक्स शाखा की विभागीय जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। वहीं मेयर गौतम सरदाना बोले कि पूर्व मीटिंग में मैंने सफाई शाखा स्टाफ से शहर के शौचालयों की प्रति सप्ताह रिपोर्ट मांगी थी आज तक नहीं आई। जवाब दो। सीएसआई ने छुट्टी पर होने की बात कही तो सायं को एक शिकायत के समाधान पर कमिश्नर अशोक गर्ग खुद भगत सिंह चौक सहित शहर के शौचालय का निरीक्षण करने पहुंचे।

2 घंटे तक चली हाउस की बैठक में 73.18 करोड़ का बजट पास, कुछ मदों में किए फेरबदल, पुराने मामलों पर पार्षदों के दिखे तल्ख तेवर
पार्षदों ने एक घंटे तक भ्रष्टाचार के छह मुद्दे उठाए, हाउस टैक्स शाखा में खामियों की होगी जांच, 3 माह में रिपोर्ट देगी कमेटी
जानिए, निगम के बड़े फैसले
खुले में शौच करते मिले या गंदगी फैलाते पाए गए तो अब चालान नहीं बल्कि निगम प्रशासन उनका केस बनाकर कोर्ट में जमा करवाएगी। अब कोर्ट के माध्यम से शहर को गंदा करने वालों पर कार्रवाई होगी।

अवैध काॅलोनी मामले में शिकायत आई तो डीटीपी के माध्यम से अब निगम करवाएगा कार्रवाई।

जीएसटी का कुछ हिस्सा नगर निगम को देने के प्रस्ताव पर सहमति बनी।

जानिए. पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों से इन मुद्दों पर मांगे जवाब
प्रॉपर्टी टैक्स में घालमेल हाउस टैक्स शाखा में रिकॉर्ड दुरुस्त करने से लेकर बिल बांटने तक पर जनता का निगम ने डेढ़ करोड़ से अधिक राशि खर्च कर दी, इसके बावजूद रिकाॅर्ड दुरुस्त नहीं हुआ। जी-8 पोस्टिंग नहीं हुई। इस पर पार्षद भूप सिंह रोहिला ने विजिलेंस जांच की मांग की। मगर विभागीय जांच के ही आदेश।

दुकानों को किराये पर देने व बेचने में अंदरूनी खेल से उठा पर्दा : पार्षद उमेद खन्ना बोले निगम के दायरे में जिन दुकानों का किराया लंबे समय से नहीं आ रहा या जो बेची, उनके बोलीदाताओं ने पूरी राशि नहीं भरी तो आज तक उन दुकानों को रिज्यूम क्यों नहीं किया। इसमें किसकी मिलीभगत रही, जवाब दो। मगर चुप्पी साधे रहे।

हाउस टैक्स शाखा से संबंधित खबर के बारे में दैनिक भास्कर में छपी खबर मेयर को दिखाते हुए पार्षद।

मोबाइल टॉवर मेयर गौतम सरदाना ने शहर की सीमा में 209 मोबाइल टाॅवर के बारे में जानकारी मांगी। तो निगम के अफसर बोले 209 में से 144 के पास ही निगम की स्वीकृति है, 65 अवैध हैं। पार्षद बोले वे 65 कैसे, किसने मिलीभगत से लगवाए। उन पर कार्रवाई हो।

बेसमेंट का अवैध निर्माण पार्षद अनिल जैन बोले कि नगर सुधार मंडल के अंतर्गत प्लाॅटों में बने बेसमेंट को तय राशि भरवाकर स्वीकृति दी जाए। इस पर एमई सुरेश गोयल बोले कि 160 अवैध बेसमेंट हैं, जिन्हें राशि भुगतान से वैध किया जा सकता है। इस पर अन्य पार्षद बोले ये बेसमेंट जिन अफसरों की लापरवाही से बनी उन पर भी कार्रवाई करो।

मृत पशु उठाने के नाम पर अवैध वसूली : पार्षद अमित ग्रोवर ने कहा कि शहर में मृत पशु उठाने के नाम पर जनता से 100-100 रुपये वसूले जा रहे हैं। क्या निगम ठेकेदार के माध्यम से पैसे लेती है। अफसरों ने नकारा। मृत पशु उठाने का निगम ने टेंडर कर रखा है भुगतान निगम करता है। जनता से कोई पैसे मांगता है तो हमें शिकायत दें।

बेसहारा पशुओं का मामला पार्षद उमेद खन्ना ने कहा कि शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के नाम पर बाहरी क्षेत्रों से पशु लाकर छोड़े जा रहे हैं। दूध निकालकर खुले में पशु छोड़ने वालों के साथ मिलकर कई लोग स्कैंडल चला रहे हैं। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। 10-11 लोग पशुओं के कारण हादसे में मर चुके हैं। जांच हो।

बिना होमवर्क के अफसरों ने पेश किया बजट, 2 मामलों पर उठे सवाल
32 एकड़ की चारदीवारी के लिए 5 लाख का रखा प्रावधान, पूछा- इतने में कैसे बनाओगे
प्रदेश मुख्यमंत्री की घोषणा के प्रति निगम अफसर कितने संजीदा हैं, यह इस बात से पता लगता है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को सिरे चढ़ाने के लिए पहला कदम उठाया, मगर वह भी बिना तैयारी के। प्लांट के लिए चिह्नित 32 एकड़ की चारदीवारी के लिए 5 लाख का बजट में प्रावधान रखा। जिसे सुन निगम के अफसर भी बोल उठे कि 5 लाख में चारदीवारी कैसे बनवाओगे। तो अकाउंट शाखा अफसर चुप रहे। बचाव में बजट बढ़ाने का हुआ फैसला। यानि बिना टेक्निकल टीम की रिपोर्ट के कागजों में लिख दिया आंकड़ा।

पार्षद वार्ड में करा सकेंगे 10-10 लाख के काम
जनता की समस्या के समाधान के लिए मेयर के माध्यम से साल में 2 करोड़ खर्च और पार्षदों के माध्यम से 10-10 लाख रुपये का खर्च का बजट में प्रावधान रखा है। यानि कुल 4 करोड़ राशि। ताकि जनता की जल्द समस्या का समाधान हो सके। मेयर के प्रस्ताव पर पार्कों की तरह अब शहर के कम्यूनिटी सेंटरों का रखरखाव भी संस्थाओं के माध्यम से जनता के हाथों में होगा।

अधिकारी व कर्मचारी जनता से कर रहे दुर्व्यवहार : बैठक में पार्षद अनिल मानी बोले कि मेरे सामने कर्मचारी ने जनता से दुर्व्यवहार किया तो पीछे से तो बड़े स्तर पर ऐसा करते होंगे। कर्मचारी बोला मुझे तंग कर रखा था। तो पार्षद उमेद, भूप सिंह, अनिल मानी सहित कई पार्षद बोले इतना तंग है तो घर जा किसी और को काम करने का मौका दे। जनता से सम्मान से बोलना होगा। कमिश्नर से बोले इन्हें ब्रांच से हटाओ। अफसर से कर्मचारी बोला अब हम 5 बजे के बाद नहीं करेंगे काम, हमें ब्रांच से बदलो। अफसरों ने किया इनकार। बोले काम करो।

पार्षद ने समस्या उठाई तो जेसी ने अपने एरिया का हाल बताया : पार्षद कविता केडिया वार्ड में बेसहारा पशु व बंदरों के आतंक की समस्या सुनने लगी तो बीच में टोकते हुए ज्वाॅइंट कमिश्नर शालिनी चेतल बोले आपके वार्ड से ज्यादा तो मेरे घर के पास बेसहारा पशु हैं। दिनभर घूमते हैं। वार्ड में कई डेयरी हैं। यानि समाधान की बजाए जेसी ने अपनी समस्या सुनाना शुरू कर दिया।

पार्किंग के लिए 15 लाख पर नहीं बताया कहां बनेगी
शहर में नई पार्किंग बनाने पर 15 लाख रुपये खर्च का अनुमान। पार्षद हैरानी से बोले कौन सी पार्किंग 15 लाख में बनेगी। अफसरों के पास कोई जवाब नहीं था। तो एमई ने धीरे से कहा कि राजगुरु मार्केट वाली। यानि पार्किंग के लिए जगह व अन्य कोई प्लानिंग नहीं दिखी। इसके बाद जल्द से टॉपिक बदल दिया।

बैठक में ये 17 पार्षद और अफसर रहे मौजूद

जनप्रतिनिधि :
मेयर गौतम सरदाना और पार्षद अनिल जैन, कविता केडिया, अनिल मानी, ज्योति महाजन, उमेद खन्ना, मनोहर लाल, भूप सिंह, जयप्रकाश, बिमला देवी, सरोज बाला, जगमोहन, अमित ग्रोवर, प्रीतम सैनी, महेंद्र जुनेजा, जयवीर गुर्जर, नरेंद्र शर्मा, अंबिका शर्मा।

ये तीन पार्षद रहे अनुपस्थित शालू दीवान, विनोद ढांडा और अमिता सिंह।

निगम अफसर :- कमिश्नर अशोक गर्ग, जेसी शालिनी चेतल, ईओ हरदीप सिंह, एक्सईएन एचके शर्मा।

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