कुलेरी-साबरवास मार्ग का कच्चा रास्ता बना मुसिबत
अग्रोहा खंड के गांव कुलेरी से साबरवास तक का रास्ता कच्चा होने के कारण किसानों व ढाणियों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुलेरी, साबरवास और सिवानी बोलान के किसानों व ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से रास्ते को पक्का करवाने की मांग की है।
वरना चेतावनी दी है कि अगर उनके रास्ते का पक्का नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। जयनारायण, अजय, कृष्ण कुमार शेरडिय़ा, संजय गोदारा, रमेश गोदारा, राजबीर नैन, संतकुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि देश को स्वतंत्र हुए 74 वर्ष हो चुके है। देश में काफी बदलाव आया और प्रदेश सरकारों ने गांव को गांव से जोडऩे वाले सभी रास्तों का पक्का करवाने के प्रयास किए किए है, लेकिन आजादी से लेकर आज तक कुलेरी से साबरवास जाने वाला लगभग तीन किलोमीटर लंबा रास्ता आज भी कच्चा पड़ा है। बारिश होते ही कच्चा रास्ता दलदल का रूप धारण कर लेता है और कच्चे रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है। रास्ते में कुलेरी व साबरवास गांवों के किसानों की खेतों में लगभग 50 ढाणियों भी पड़ती है। जिनमें लाइट व पानी की सुविधा तो पहुंच चुकी है, लेकिन रास्ता आज भी कच्चा है। बारिश होते ही स्कूल,कॉलेज पढ़ने जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती है। बच्चों को ढाणियों में लेने के लिए स्कूल वैन तक नहीं जा सकती है। जिसके कारण बारिश होते ही स्कूल जाने वाले बच्चों को छुटटी करनी पड़ती है।
सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र मिठारवाल ने बताया कि जितनी भी सरकारें आई सभी को अवगत कराया गया है, लेकिन कोई भी उनकी समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। पंचायत रास्ते को पक्का करवाने के लिए काफी प्रयास कर रही है। हल्का विधायक व सांसद ने उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए।
कुलेरी से साबरवास सड़क की खराब हालत।