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केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत से पारिवारिक संपर्क, बादल से हुई दिवाली की राम-राम : केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 03:12 AM IST
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केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत से पारिवारिक संपर्क, बादल से हुई दिवाली की राम-राम : केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मुलाकात पर सांसद दुष्यंत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री संसद में उनके साथ हैं। हर दिवाली मुलाकात होती है। परिवार से 1966 से संपर्क है। पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल से बातचीत पर कहा कि वे परिवार में बड़े हैं। हमेशा उनका आशीर्वाद रहा है। दिवाली के दूसरे दिन राम-राम भी हुई है।

जन नायक सेवादल का सदस्य 5 साल नहीं लड़ेगा चुनाव : जन नायक सेवादल के सक्रिय होने पर कहा कि इसके संरक्षक अजय चौटाला है। उनके जेल जाने के बाद 2013 से यह निष्क्रिय था। इसे सक्रिय किया गया है। यह राजनीतिक संगठन नहीं है। इसका जो सदस्य बनता है, वह पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ सकता। इनसो को लेकर एक फिर दोहराया कि इसके संरक्षक भी अजय चौटाला है, वे या राष्ट्रीय कार्यकारिणी ही इसे भंग कर सकते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भी अकेले इनसो को भंग नहीं कर सकते।

दो खास सवाल

सवाल: आप अभय चौटाला का नाम क्यों नहीं ले रहे।

जवाब: हम संगठन की बात कर रहे हैं। यदि कुछ लोग संगठन को तोड़ने का काम करेंगे, तो ऐसा नहीं करने देंगे।

सवाल: अभय सीएम का चेहरा बनते हैं तो क्या करेंगे।

जवाब: मैं इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में काम करता हूं।

ये नेता रहे मौजूद: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फूलवती, राष्ट्रीय सचिव अशोक शेरवाल, विधायक अनूप धानक व पिरथी नंबरदार, पूर्व विधायक सरदार निशान सिंह व रमेश खटक, मक्खन सिंह, अंबाला से हरपाल कंबोज व सुरजीत सोंडा, हिसार के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी, जींद से कृष्ण राठी यहां मंच पर मौजूद रहे।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी...

राजन बर्कले में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में ‘फ्यूचर ऑफ इंडिया’ पर बोल रहे थे।

देश केंद्र से काम नहीं कर सकता, लोग जिम्मेदारी उठाने को हों तैयार : राजन ने कहा कि ‘देश केंद्र से काम नहीं कर सकता है। देश तभी काम कर सकता है जब ज्यादा से ज्यादा लोग जिम्मेदारी उठाने को तैयार हों। लेकिन भारत में सरकार बहुत अधिक केंद्रीयकृत है।’ राजन के मुताबिक केंद्रीयकरण के बाद दूसरी बड़ी समस्या अफसरशाही की पहल करने की अनिच्छा भी है। भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद अफसरशाही पीछे रहती है। इससे काम पर असर पड़ता है। इसे लेकर भी उन्होंने कई उदाहरण दिए।

बैंकों की बैंलेंस शीट को साफ-सुथरा बनाना अच्छा कदम : फंसे कर्ज (एनपीए) की समस्या पर राजन ने कहा कि बैंकों की बैंलेंस शीट को साफ-सुथरा बनाना अच्छा कदम है। इससे बैंकों की माली हालत वापस पटरी पर आ सकेगी। हालांकि इसमें लंबा समय लग रहा है क्योंकि बैंकिंग तंत्र में एनपीए से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। वहीं, फंसे कर्ज की समस्या से निपटने के लिए इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) एकमात्र तरीका नहीं हो सकता। इसके लिए कई तरीके अपनाने होंगे।

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