पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Hisar
  • After Long Research, Scientists Of Lala Lajpat Rai University Prepared The Enzyme By Extracting Enzymes From Plant And Mustard Seeds.

लंबी रिसर्च के बाद लाला लाजपतराय विवि के वैज्ञानिकाें ने प्लांट और सरसाें की खल से एंजाइम निकालकर तैयार किया चीज

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • 3 साल में तैयार किया वैज चीज, जो नॉनवेज से सस्ता व कम फैट का
  • चीज की रिसर्च काे पेटेंट के लिए विभागीय अधिकारियों काे भेजा गया है

हिसार (महबूब अली). मांसाहारी चीज तैयार करने के लिए अब बछड़ाें काे काटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लंबी रिसर्च के बाद लुवास की वैज्ञानिक डाॅ. शैली जैन और उनकी टीम ने पाैधाें के प्लांट, सरसाें और खल से रैनेट एंजाइम निकालकर विशेष प्रकार का चीज तैयार करने में सफलता हासिल की है। इस तैयार चीज में मांस की आवश्यकता नहीं है। यह न सिर्फ मांस से तैयार चीज की तरह ही स्वादिष्ट है, बल्कि इसमें फैट भी नाममात्र ही है। रिसर्च के बाद सरसाें की खल से तैयार कराए चीज की रिसर्च काे पेटेंट के लिए विभागीय अधिकारियों काे भेजा गया है। जल्द ही पेटेंट हाेने की भी संभावना है।



दरअसल, मांसाहारी चीज काे रेनेट नामक एंजाइम के माध्यम से बनाया जाता है, जाेकि बछड़ाें के पेट में पाया जाता है। बछड़ाें काे मारने के बाद उससे एंजाइम प्राप्त कर जेनेटिकल माेडिफाई बैक्टिरिया के माध्यम से यह चीज तैयार कराया जाता है। इससे जहां पशुओं का कटान हाेता है, वहीं यह महंगा भी अधिक हाेता है। हालांकि बाजार में शाकाहारी चीज की भी कई वैरायटीज माैजूद हैं। ]

लुवास के कुलपति डाॅ. गुरदियाल सिंह और लाइव स्टाॅक प्राेडक्ट टेक्नाेलाॅजी अाॅफ वेटरनरी साइंस के डायरेक्टर डाॅ. एसएस अहलावत ने बताया कि संस्थान की डाॅ. शैली जैन बछड़ाें के बजाय प्लांट से एंजाइम निकालकर चीज तैयार करने में जुटी थी। जिस पर सफलता पा ली है। सरसाे और इससे तैयार खल के माध्यम से रेनेट से मिलते जुलते एंजाइम तैयार िकए। इसके माध्यम से काेटेज और माैजरेला चीज तैयार किया। उक्त चीज की खासियत यह है कि यह एनीमल के अंदर से निकाले गए एंजाइम यानि मांसाहार से तैयार चीज से अधिक स्वादिष्ट है।


यही नहीं इसके अंदर फैट भी नाममात्र ही है। प्राेटीन की मात्रा बछड़े से प्राप्त एंजाइम से तैयार चीज की जितनी ही है। बताया कि रिसर्च काे पेटेंट के लिए दिल्ली भेज दिया गया है। दिल्ली के आईसीएआर के अधिकारियों ने भी पेटेंट के बारे में लुवास के अधिकारियों से पूरी जानकारी मांगी है। जल्द ही पेटेंट की उम्मीद है।

कई देशों में चीज पर लगा दिया था बैन
लुवास के अधिकारियों के अनुसार बछड़ाें के कटान के बाद तैयार किए जाने वाले चीज पर जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस में बैन लगा दिया गया था, जबकि कुछ इस्लामिक कंट्री ने भी इसे गलत बताया था। इसके बाद से ही लुवास के वैज्ञानिक प्लांट के माध्यम से मांस वाले स्वाद का ही चीज तैयार कराने में जुटे थे। बता दें कि भारत में गोमांस पर पहले से प्रतिबंध है। 

पनीर और चीज में अंतर
लुवास के वैज्ञानिकाें के अनुसार पनीर और चीज में अधिक अंतर नहीं होता है। चीज रूप में पनीर का उपयोग भारत और एशिया के देशों में बहुत अधिक होता है। चीज और पनीर दोनों ही दूध से बनने वाले प्रोडक्ट हैं। पनीर जहां घर पर आसानी से तैयार हो जाता है वहीं चीज को तैयार करने में कुछ अन्य एंजाइम की आवश्यकता होती है। पनीर को हम अधिक दिनों तक उपयोग में नहीं ला पाते वहीं चीज पनीर से ज्यादा दिन चलता है।

प्लांट के माध्यम से ऐसे तैयार किए जाते हैं एंजाइम
लुवास के वैज्ञानिकों के अनुसार रात में सरसाे से प्राप्त हाेने वाली खल काे पानी से डाल दिया जाता है। इसके बाद सुबह के समय खल काे पानी से निकालकर पशुओं काे डाल दिया जाता है। खल के पानी के माध्यम से रेनेट की तर्ज पर ही एंजाइम निकाले जाते हैं। इसके बाद चीज तैयार किया जाता है। इसका स्वाद मांसाहारी चीज से भी अधिक स्वादिष्ट हाेता है। मांस से तैयार चीज की कीमत 555 रुपये प्रति किलाे जबकि प्लांट से तैयार चीज की कीमत 439 रुपये प्रति किलाे है।
 

खबरें और भी हैं...