सतर्क रहें / 99 फीसदी बच्चों को पेरेंट्स से अपना मोबाइल चेक कराने में भी है आपत्ति, प्रदेश के 20 फीसदी टीन एजर्स मोबाइल एडिक्शन का शिकार



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  • मोबाइल एडिक्शन के साथ पियर ग्रुप प्रेशर बिगाड़ रहा बच्चों का बिहेवियर 
  • सुसाइड टेंडेंसी के चलते खोले 64 चाइल्ड काउंसलिंग सेंटर

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 05:22 AM IST

रोहतक (मोनिल शर्मा). आज 20 प्रतिशत बच्चे मोबाइल एडिक्ट और 35 फीसदी पियर ग्रुप के शिकार है। यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। आज 5वीं-6वीं क्लास से ही हर बच्चे के हाथ में एंड्रॉयड फोन होता है। ऐसे में वे दाेस्ताें के प्रभाव के कारण कई सारी चीजें देखते हैं और फिर नहीं चाहते कि यह पेरेंट्स को भी पता चलें। 

 

8वीं क्लास से लेकर ग्रेजुएशन तक के 99 फीसदी बच्चों को पेरेंट्स के उनके माेबाइल काे हाथ में लेने या चेक करने में भी आपत्ति हाेती है। ये तथ्य सामने आया है कि प्रदेश में चल रहे 64 चाइल्ड काउंसलिंग सेंटर में किए एक सर्वे के दौरान। रोहतक में भी सैनी कन्या उच्च विद्यालय में है। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के स्टेट नोडल ऑफिसर अनिल मलिक के अनुसार एक साल तक की उम्र के बच्चों में मोबाइल एडिक्शन सामने आया है। अब 14 प्रतिशत बच्चे एक साल की उम्र में मोबाइल का इस्तेमाल करने लगे हैं और 26 फीसदी दो साल की उम्र में मोबाइल ऑपरेट करते हैं। इस तरह से खेल-खेल में मां-बाप अपने बच्चों को मोबाइल एडिक्ट बना रहे हैं। 

 

चाइल्ड काउंसिलिंग सेंटर :
मोबाइल एडिक्शन के साथ पियर ग्रुप प्रेशर भी बच्चों का बिहेवियर बिगाड़ रहा है और इससे बच्चों में सुसाइड टेंडेंसी बढ़ रही है। इस सुसाइड टेंडेंसी को रोकने के लिए ही पूरे प्रदेश में चाइल्ड काउंसलिंग सेंटर खोले गए हैं। इन सेंटरों में जिस भी पेरेंटस को लगता है कि उनका बच्चा मोबाइल एडिक्ट हो रहा है या फिर उसमें किसी प्रकार से निगेटिव टेंडेंसी बढ़ रही है तो वो परामर्श ले सकता है। 

 

ग्रुप काउंसिलिंग की व्यवस्था :

किशोर अवस्था में ही बच्चों को खुद के साथ बेहतर समायोजन सिखाने, सुसाइड टेंडेंसी आने पर प्राथमिक रोकथाम करने, एग्जाम के साथ कॅरियर के प्रेशर से बाहर निकालने के लिए ही हरियाणा में काउंसलिंग सेंटर खोले जा रहे हैं। इन सेंटरों पर  2018 से अब तक एक साल में 541 बच्चों की काउंसलिंग हो चुकी है। इससे अलग 2200 बच्चों की ग्रुप में काउंसलिंग की है।

 

सबसे ज्यादा काउंसिलिंग सेंटर जींद में 38 और फरीदाबाद में 10 सेंटर है। इसके बाद सोनीपत में 4, पलवल में 2, फतेहाबाद में 2 सेंटर है। रोहतक, झज्जर, कुरुक्षेत्र, सिरसा, करनाल, हिसार में एक-एक सेंटर है।
 

 

डीईओ, डीसीडब्ल्यू और प्रिंसिपल भी खुलवा सकते हैं सेंटर : डीईओ, डीसीडब्ल्यू और स्कूल प्रिंसिपल चाहे तो चाइल्ड काउंसिलिंग सेंटर खुलवाने की डिमांड कर सकता है। 

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