हरियाणा / सरकार के 22 महकमों की 44 फीसदी स्कीमों में एक से 5 साल तक खर्च नहीं हुआ एक पैसा

44% of the government's 22 schemes did not spend a penny for one to five years
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44% of the government's 22 schemes did not spend a penny for one to five years

  • इन विभागों में चल रही है 881 स्कीम, 390 में नहीं दिया जा रहा पैसा
  • मुख्यमंत्री ने माना- नहीं हो रहा पैसा खर्च, इनमें कुछ केंद्र सरकार की हैं

दैनिक भास्कर

Feb 19, 2020, 08:47 AM IST

चंडीगढ़ (मनोज कुमार). राज्य सरकार की ओर से अभी तक पिछली साल का आर्थिक सर्वे जारी करने पर उठ रहे सवालों के बीच बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें सामने आया कि 22 सरकारी महकमों की 44 फीसदी स्कीमों में एक से पांच साल तक की अवधि में एक पैसा खर्च नहीं हुआ है। हालांकि सरकार इन स्कीमों में कुछ से मिलती-जुलती स्कीमें शुरू होने का दावा कर रही है, परंतु कई ऐसी भी स्कीम हैं, जिससे लोग प्रभावित हो रहे हैं।

इसके अलावा सरकार की बेटी बचाओ-बेटी बचाओ जैसी ड्रीम स्कीम में भी पिछले कुछ सालों में एक पैसा खर्च नहीं हुआ है। सरकार के दस्तावेजों के अनुसार 22 महकमों की 881 स्कीमें चल रही हैं, इनमें 390 ऐसी हैं, जिनमें खर्चा जीरो दिखाया गया है। इस पर सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी माना कि कई स्कीमों में पैसा खर्च नहीं हुआ।

इनमें कुछ केंद्र सरकार की भी हैं। ऐसे में केंद्र से भी पूछा जाएगा कि पैसा क्यों नहीं दिया जा रहा। जबकि कुछ स्कीमों जैसी दूसरी नई स्कीमें आ गई हैं। इसलिए इन पुरानी स्कीमों को बंद करने पर भी विचार कर रहे हैं। बता दें कि कुछ स्कीम केंद्र सरकार की ओर से संचालित की जा रही हैं। जिन स्कीमों में पैसा नहीं आ रहा, उनके काफी संख्या में एससी से जुड़ी अलग-अलग विभागों की स्कीमें हैं।

जानिए... किन बड़ी स्कीमों में नहीं हो रहा पैसा खर्च

  • जिन स्कीमों में पैसा खर्च नहीं हो रहा, उनमें कई महत्वपूर्ण स्कीम भी है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए सरकार ने 2016-17 में 3 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा खर्च किया। लेकिन इसके बाद एक पैसा खर्च नहीं हुआ है।
  • इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग में एड्स कंट्रोल प्रोग्राम तो डिस्पेंसरी पर पैसा नहीं दिया गया। 
  • अर्बन लोकल बॉडी में कम्यूनिटी सेंटर अपग्रेड नहीं किए गए। 2016-17 बाद मिल्क डेयरी शिफ्टिंग और स्वच्छ भारत मिशन पर कोई पैसा नहीं दिया गया।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला शक्ति केंद्रों पर पांच साल में कोई बजट नहीं दिया गया। किशोरी शक्ति योजना और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पैसा नहीं मिला।
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में जागरुकता कार्यक्रम पैसों के अभाव में नहीं हो रहे तो गरीबों को चश्में हीं मिल रहे।
  • हायर एजुकेशन में लाइब्रेरी के लिए बजट नहीं दिया जा रहा हे। प्राइमरी और सेकंडरी एजुकेशन अतिरिक्त कमरों के लिए स्कीमों में पैसा नहीं मिला।

इन विभागों में सभी स्कीमों का मिला पैसा
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की दो स्कीमों में दोनों में पैसा खर्च हो रहा है। जबकि इसी प्रकार आयुष की 10 स्कीमों में सभी में पैसा मिला है और उसे खर्च किया गया है।

हां, करीब 400 स्कीमों का पैसा नहीं हुआ खर्च

मुख्यमंत्री मनोहर लाल- हां, यह सही है कि साढ़े तीन सौ से चार सौ स्कीम में पैसा खर्च नहीं हुआ। कुछ केंद्र की स्कीम है। पूछा जाएगा कि पैसा क्यों नहीं आ रहा। कुछ स्कीम ऐसी हैं, जिनकी प्रासंगिकता नहीं है। क्योंकि उनसे मिलती-जुलती नई स्कीम आ चुकी है। इसलिए इन स्कीमों को बंद करने का विचार है।

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