झाड़-फूक / 5 साल के साजिद को सांप ने डंसा, ओझा के मंत्रों के बीच थम गईं सांसें

5 years old Sajid snake bite, death
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5 years old Sajid snake bite, death

  • झाड़-फूक पर भरोसा करने वालों के लिए डरावनी तस्वीर, वेंटिलेटर से जबरदस्ती उठाकर झाड़ा लगवाने ले गए परिजन 

Jul 15, 2019, 07:08 AM IST

यमुनानगर. यह तस्वीर घनघोर अंधविश्वास की है। जमीन पर लेटाए गए 5 साल के साजिद को प्ले स्कूल जाते हुए गली में जमा पानी में सांप ने डंस लिया था। उसे गाबा अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन परिजन यह कहकर जबरदस्ती अस्पताल से छुट्टी करा लाए कि उन्हें इलाज से ज्यादा झाड़ा लगवाने में विश्वास है।

 

बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी तो पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर (एंबू बैग) लगाकर ही अम्बाला जिले में बराड़ा के एक गांव में ले गए। यहां ओझा ने बच्चे को जमीन पर लेटाकर तंत्र-मंत्र शुरू कर दिए। बच्चे की सांस थम गईं तो झाड़-फूंक करने वाले ने कह दिया कि यहां लाने में देरी कर दी। साजिद मां-बाप का इकलौता बेटा था। पिता पेंटर है।

 

वेंटिलेटर पर भी बाबा की जड़ी पिलाई

शुक्रवार रात 2 बजे साजिद को उल्टियां होने लगीं। एक डॉक्टर को दिखाया तो बताया कि सांप ने डंसा है। बच्चे को गाबा अस्पताल में ले गए। हालत में सुधारा तो अम्बाला के गांव केसरी से बाबा को बुलाकर लाए। उसने दूध में जड़ी-बूटी पिलाई। शनिवार को अस्पताल से छुट्टी कराकर बच्चे को गांव में झाड़ा लगवाने ले गए, पहुंचने में देरी हो गई। ये भी हो सकता है कि बच्चे की मौत अस्पताल में ही हो गई हो। -अली, बच्चे के पिता, यमुनानगर की सुंदर विहार कॉलोनी निवासी

 

अस्पताल में  ठीक हो सकता थाः डॉ. गाबा

बच्चे की हालत खराब थी। उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। उसकी हालत में कुछ सुधार दिख रहा था। परिवार जबरदस्ती छुट्टी करा ले गया। अस्पताल में रहता तो बच्चा ठीक हो सकता था। सभी सांप जहरीले नहीं होते। लोगों को अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए।

-डॉ. बीएस गाबा, संचालक गाबा अस्पताल

 

 

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