हरियाणा / पहली बार हथनीकुंड बैराज पर जलस्तर 8.28 लाख क्यूसिक पार, यमुना का रिकॉर्ड जलस्तर



हथनीकुंड बैराज हथनीकुंड बैराज
X
हथनीकुंड बैराजहथनीकुंड बैराज

  • यमुना से लगे निचले इलाकों को खाली करने को कहा गया
  • टांगरी में पानी भरने से अम्बाला-सहारनपुर रेल मार्ग को बंद कर दिया गया

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 06:04 AM IST

पानीपत. हरियाणा के साथ ही हिमाचल-उत्तराखंड़ की पहाड़ियों पर 24 घंटे में हुई भारी बरसात से यमुना के जल स्तर ने हथनीकुंड बैराज पर खतरे के निशान को तोड़कर नया रिकाॅर्ड बना दिया है। रविवार की रात आठ बजे जलस्तर 8,28,072 क्यूसिक दर्ज किया गया। इससे पहले 17 जून 2013 को 8,06,000 क्यूसिक रिकॉर्ड दर्ज था। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से यमुना से लगते यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत के 84 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

 

यमुना से लगे निचले इलाकों को खाली करने को कहा गया है। साथ ही एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है। टांगरी में पानी भरने से अम्बाला-सहारनपुर रेल मार्ग को बंद कर दिया गया है। रेलवे ने 19 ट्रेनों के रूट अम्बाल-पानीपत-दिल्ली मार्ग पर डायवर्ट किया है। यमुना का पानी मंगलवार सुबह तक दिल्ली पहुंच जाने की संभावना है। 
 

24 घंटे में सामान्य से 382 फीसदी अधिक बरसात

माॅनसून की सक्रियता के चलते राज्य में 24 घंटे में 20.7 एमएम से अधिक बरसात हुई है। यह सामान्य से 382 फीसदी अधिक है। इसका कारण पश्चिम विक्षोभ और माॅनसून का एक साथ सक्रिय होना है। इस बड़ी बरसात से प्रदेश मंे बारिश की कमी 33 से घटकर 26 फीसदी पर आ गई है।

 

एक जून से 18 अगस्त तक प्रदेश में 224.3 एमएम बरसात हो चुकी है, जबकि इस अवधि में हरियाणा में 303 एमएम बरसात होती है। माॅनसून सीजन की प्रदेश में करीब आधी बरसात हो चुकी है, जबकि अभी माॅनसून के 42 दिन शेष रह गए हैं। अगले चार से पांच दिनों में बड़ी बरसातों के आसार कम हैं। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना