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  • After taking 52 thousand rupees from 3 youths, they sent fake Icards on duty to the medical college, whose duties were also open when they reached

धोखा / 3 युवकों को फर्जी आईकार्ड देकर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर भेजा, असल कर्मचारी भी पहुंचे तो खुली पोल

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज में कच्ची नाैकरी दिलाने के नाम पर धोखा
  • मेडिकल काॅलेज में कार्यरत दो कर्मियों ने ही लिए थे नौकरी के नाम पर पैसे, केस दर्ज

दैनिक भास्कर

Dec 15, 2019, 04:05 AM IST

करनाल. कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में केपी ग्रुप-9 कंपनी में फोर्थ क्लास की नौकरी दिलवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। कंपनी के माध्यम से कार्यरत दो आरोपियों ने तीन युवकों को नौकरी पर रखने के लिए 52 हजार 500 रुपए ले लिए।

तीनों युवकों के फर्जी आईकार्ड बनाकर उनको ड्यूटी पर भेज दिया। मेडिकल कालेज में जब वह ड्यूटी कर रहे थे तो दूसरे कर्मचारी भी वहां आ गए, जिनकी ड्यूटी लगी थी। असली कर्मचारी इनके आईडी कार्ड के साथ सुपरवाइजर के पास ले गए और फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया। 


सिविल लाइन थाना पुलिस ने फर्जी आईडी कार्ड पर ड्यूटी करने वाले युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पता चला कि इन युवकों ने तो पैसे देकर नौकरी पर भेजा गया है। तीनाें युवकों की पूछताछ में स्थिति क्लियर हुई है कि मेडिकल कालेज में कार्यरत आकाश वासी सेक्टर-6 और मुनीष वासी मंजूरा ने पैसे लेकर इनको नौकरी पर रखा है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। झिझाना के गांव काला माजरा वासी रवि कुमार ने बताया कि उनके गांव का ही आकाश मेडिकल कालेज में नौकरी करता है। अब वह सेक्टर-6 में रहने लगा है। उसने भरोसा दिया कि मेडिकल कालेज में नौकरी लगवा दूंगा। मेडिकल कालेज में आकाश ने मुनीष से मिलवाया।

मुनीष ने उसके डॉक्यूमेंट्स लेकर कहा कि 20 हजार रुपए नकद, बाकी 25 हजार रुपए बाद में एक महीने का वेतन मिलने पर देने होंगे। उसने मुनीष को 20 हजार रुपए दे दिए। बाकी पैसे वेतन मिलने पर देने काे कहा। मुनीष ने एक महीने बाद फोन पर कहा कि बिजली विभाग में नौकरी लग गई है। कल्पना चावला मेडिकल कालेज से आईकार्ड ले जाओ। उसने आईकार्ड आकाश को दिया है। 

पहले दिन सभी वार्डों में घूमे: वह 9 दिसंबर को कालेज में गया और आकाश ने उसे आईकार्ड देकर मुनीष से बातचीत करके कहा कि ड्यूटी सुबह 9 बजे से है और अब आप ओपीडी ब्लाॅक में जाकर देखो कि कौन सा डाॅक्टर किस जगह पर अाैर कौन सा डिपार्टमेंट कौन से फ्लोर पर है। इसके बाद कहने लगा कि कोई कर्मचारी पूछे तो आईकार्ड दिखा देना। उस दिन शाम तक अस्पताल में रहा। 
 

सिक्योरिटी गार्ड ने पूछा-कोई मरीज है क्या आपका,फिर हुआ खुलासा
12 दिसंबर को सुबह करीब 11 बजे रवि और उसका साथी गांव पसीना गौरव वासी और रवि कुमार वासी गांव ढकदेई साहरनपुर, जो कंप्यूटर के पद पर नौकरी पर लगे हैं। मेडिकल के ब्लाक के चौथी मंजिल पर मेडिसन वार्ड में सर्च करके बैठे थे, उसी समय एक सिक्योरिटी गार्ड ने पूछा कि कोई मरीज है क्या आपका। फिर सभी ने सिक्योरिटी गार्ड को कहा- अपने केपी ग्रुप-9 फोर्थ क्लास अस्पताल के कार्ड दिखाए तो वह हमारे कार्ड लेकर दूसरे सिक्योरिटी गार्ड वाले के पास कार्ड लेकर चला गया। सुपरवाइजर ने आई कार्ड जारी करने से मना कर दिया। कर्मचारियों ने बताया कि मुनीष व आकाश ने कार्ड जारी किए हैं।
 

मुनीष ने डॉक्टर के कहने पर बनाया था कार्ड
सुपरवाइजर की पूछताछ में सामने आया है कि मुनीष ने कहा कि ये कार्ड डाॅक्टर संदीप ने जारी करवाए हैं। हमारे को डाॅक्टर गौरव के पास ले गए। गौरव ने भी हमारे से जानकारी ली कि यह कार्ड किसने जारी करवाए हैं। शिकायतकर्ता ने 21 हजार रुपए, रवि कुमार ने 9 हजार रुपए अाैर गौरव कुमार ने 22 हजार 500 रुपए नौकरी लगने के नाम के आकाश व मुनीष को दिए हैं। दोनों आरोपियों ने मिलीभगत कर  आईडी जारी किए।

सख्त कार्रवाई की जाएगी : गौड


मेडिकल कालेज में पैसे लेकर नौकरी में तीन युवक रखे जाने का मामला है। दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इनको गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई जाएगी। 
संजीव गौड, इंस्पेक्टर, सिविल लाइन थाना प्रभारी, करनाल।

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