योजना / अब सुल्तानपुर नेशनल पार्क में चुपके-चुपके होगा पक्षियों का दीदार



250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों को देख सकेंगे सैलानी 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों को देख सकेंगे सैलानी
Birdwatcher in Sultanpur National Park
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250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों को देख सकेंगे सैलानी250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों को देख सकेंगे सैलानी
Birdwatcher in Sultanpur National Park

  • बर्ड हाइड से पक्षियों की शांति रहेगी कायम, साल में नौ माह खुला रहेगा पार्क 
  • वर्ल्ड ओजोन-डे पर 16 सितंबर को खुलेगा, पहले 4 महीने रहता था बंद

Dainik Bhaskar

Sep 14, 2019, 07:01 AM IST

पानीपत (सुशील भार्गव ).  काश हमारे भी पंख होते, जब मन चाहे उड़कर दूर देश की सैर कर आते। पक्षियों को देखकर मन में यह ख्याल अक्सर आ जाता है। इन्हें नजदीक से देखें या हाथों मंे पकड़ लें। आपके कुछ अरमान अब गुड़गांव के सुल्तानपुर नेशनल उद्यान में पूरे हो सकेंगे। दरअसल यहां 250 प्रकार के पक्षियों को देखने के लिए अब शीशे का प्रयोग होगा। यह ऐसा शीशा, जिसमें हम पक्षियों को तो देख सकेंगे, लेकिन पक्षी हमें नहीं देख पाएंगे। ऐसे में पक्षियों का एकांतवास भंग नहीं होगा और वे पूरी आजादी के साथ मदमस्त होकर आसमान या जमीन में घूम सकेंगे। वन विभाग 16 सितंबर से सुल्तानपुर नेशनल उद्यान को खोलने जा रहा है। खास बात यह है कि अब यह नेशनल पार्क साल में आठ की बजाए नौ महीने खुला रहेगा। 
 

बर्ड हाइड से नजदीक से देख सकेंगे पक्षी

सुल्तानपुर नेशनल उद्यान में करीब 250 प्रकार के देसी व विदेशी पक्षी आते हैं। यूं तो दिसंबर से जनवरी तक यहां विदेशी पक्षियों का जमावड़ा लगता है, लेकिन वन विभाग इसे अब हर साल 16 सितंबर से 14 जून तक खोलेगा। पहले यह आठ महीने खुलता था, लेकिन अब एक महीना बढ़ाया गया है, ताकि पक्षियों के चाहने वालों को अधिक समय पक्षियों को देखने के लिए मिल सके। खास बात यह है कि एक विशेष तरह के शीशे के प्रयोग से पक्षियों को हम नजदीक से देख सकेंगे। इसे बर्ड हाइड नाम दिया गया है। ऐसे में पक्षियों को पता नहीं चलेगा कि हम उन्हें देख रहे हैं। क्योंकि शीशा दूसरी ओर से पारदर्शी नहीं है।  उद्यान में कैमरे लगाए जाएंगे। इससे हम पक्षियों को लाइव देख सकेंगे। क्योंकि पक्षी कैमरों की जद्द में होंगे और इनकी वीडियो भी बनाई जा सकेगी। दूसरे देश से कोई पक्षी यदि पहली बार आया है तो उसकी प्रजाति का भी पता लगाया जा सकेगा। पहले आमतौर पर लोग उद्यान में पक्षियों को देखने के लिए अकेले जाते थे, लेकिन गत वर्ष कार्ट चलाए गए हैं। जो बैटरी से चलते हैं। खास बात यह है कि इन पर चालक और गाइड एक ही होगा। साथ में दूरबीन भी होगी, इससे पक्षियों को और नजदीक से देखा जा सकेगा। गाइड सभी तरह के पक्षियों के बारे में बारीकी से पर्यटकों को अवगत कराएगा।

 

हर साल आते हैं उद्यान में 40 से 50 हजार पर्यटक
गुड़गांव से महज 15 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर उद्यान में हर साल करीब 40 से 50 हजार पर्यटक इन पक्षियों को देखने के लिए आते हैं। अधिक आगमन सर्दियों में होता है, क्योंकि माइग्रेट पक्षी इन दिनों में काफी संख्या में आते हैं। करीब 142 हेक्टेयर में बने इस उद्यान को लेकर वन विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। 

 

ये भी जानें :

सुल्तानपुर नेशनल पार्क अनेक प्रकार के पक्षी, घने पेड़ों व झीलों से सुशोभित है। सुल्तानपुर को सन् 1972 में वाटर बर्ड रिर्जव के रूप में घोषित किया गया। यहां किंगफिशर, ग्रे पेलिकेन्स, कार्मोरेंटस, स्पूनबिल्स, पोंड हेरोंस, व्हाइट इबिस आदि पक्षी भी देखने को मिल जाएंगे। इन दुर्लभ पक्षियों के जमावड़े व अठखेलियों से पार्क की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं।

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