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दोपहर में दुष्यंत बोले- हम बादल-चौटाला के फैसले के साथ, देर रात बसपा ने तोड़ा गठबंधन, माया बोलीं-अकेले लड़ेंगे

एक वर्ष पहले
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  • चौटाला परिवार एकजुट होने के करीब, इनेलो-जेजेपी के एक हाेने पर संशय, बसपा ने दिया झटका
  • 26 दिन में छूटा साथ, बसपा का दो दशकों में 5 और 7 माह में तीसरा गठबंधन था

पानीपत. इनेलो नेता अभय चौटाला के बाद शुक्रवार दोपहर जजपा नेता दुष्यंत चौटाला ने भी परिवार के एक होने के संकेत दिए ही थे कि रात में बसपा ने जजपा से अलग होने की घोषणा कर दी। दरअसल, दिल्ली में जजपा नेता दुष्यंत ने कहा कि कई सामाजिक खापों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद वे पिता अजय चौटाला से जेल में मिले। इसके बाद उन्होंने परिवार को लेकर कोई भी फैसला लेने के लिए पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और ओमप्रकाश चौटाला को अधिकृत किया है। तभी देर रात बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर जजपा से गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी। इससे पहले दुष्यंत ने कहा था, राजनीतिक तौर पर हमारा गठबंधन बसपा के साथ है।
 
इसलिए राजनीतिक ताैर निर्णय संगठन और गठबंधन पार्टनर से बातचीत के बाद ही होगा।  दुष्यंत ने मायावती के निर्णय के जवाब में कहा कि हमने बसपा को पूरा सम्मान दिया था। 11 अगस्त को दिल्ली में दुष्यंत चौटाला और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने साथ विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। तय था कि जेजेपी-50 व बसपा-40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
 

सीटों के बंटवारे में रवैया अनुचित 
मायावती ने कहा कि बीएसपी राष्ट्रीय पार्टी है, जिसके हिसाब से हरियाणा में होने वाले विधानसभा आमचुनाव में दुष्यंत चौटाला की पार्टी से जो समझौता किया था वह सीटों की संख्या व उसके बंटवारे के मामले में उनके अनुचित रवैये के कारण इसे बीएसपी हरियाणा यूनिट के सुझाव पर आज समाप्त किया जा रहा है। पार्टी हाईकमान ने यह फैसला किया है हरियाणा प्रदेश में शीघ्र होने वाले विधानसभा चुनाव में बीएसपी अकेले ही पूरी तैयारी के साथ सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 
 

हमने तो 40 सीटों का दिया प्रस्ताव
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जजपा स्वर्गीय देवीलाल के आदर्शों और बाबा साहेब की सर्वहित की नीतियों पर आगे बढ़ रही है। 11 अगस्त को बसपा से गठबंधन के बाद हमारी कोशिश किसान, कमेरों को मजबूत कर पूंजीवादी ताकतों को बाहर करने की रही। जजपा ने बसपा उनके नेतृत्व व समर्थकों को ताकत देने में यकीन किया। उन्हें 40 सीटों का प्रस्ताव दिया। हमारी इच्छा बहुजन समाज को राजनीतिक ताकत देने की रही। जजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
 

हरियाणा की राजनीति में बसपा के समीकरण 
हरियाणा में बसपा ने 1998 में इंडियन नेशनल लाेकदल के साथ गठबंधन किया था। 2009 में कुलदीप बिश्नोई की हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। मई 2018 में फिर से इंडियन नेशनल लोकदल के साथ मिलकर चलने का फैसला किया गया, लेकिन यह गठबंधन 9 महीने बाद ही टूट गया। जींद उपचुनाव में करारी हार के बाद बसपा का इनेलो का अस्तित्व खतरे में नजर आने लग गया। इनेलो के साथ गठबंधन तोड़कर फरवरी 2019 में राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी का साथ लेने का मन बनाया है। हालांकि यह गठबंधन भी ज्यादा दिन नहीं चल पाया।
 

बादल से मिलेंगे खाप प्रतिनिधि
चौटाला परिवार के राजनीतिक व पारिवारिक एकजुटता के प्रयास में जुटे खाप पंचायतों व किसान संगठनों के प्रतिनिधि अब बादल से मुलाकात करेंगे। हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के अध्यक्ष रमेश दलाल ने दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में पत्रकारों से कहा कि दुष्यंत का फैसला मुहिम को सकारात्मक दिशा में ले कर जाएगा। अब एकजुटता के प्रयास में लगे हुए प्रतिनिधि जल्द ही बादल से मिलेंगे। दलाल ने बताया कि गुरुवार को उनके व दुष्यंत चौटाला के बीच दो बार लंबी वार्ता हुई। 
 

जजपा के हुए इनेलो के चार बागी
इनेलो के पूर्व विधायक राजदीप फौगाट, नैना सिंह चौटाला, पिरथी सिंह नंबरदार और अनूप धानक ने पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला की मौजदूगी में शुक्रवार को जेजेपी जॉइन कर ली। दुष्यंत चौटाला ने चारों पूर्व विधायकों को पार्टी का झंडा थमाते हुए कहा कि सभी को उचित सम्मान और जिम्मेदारी दी जाएगी। फरीदाबाद जिले में इनेलो के बीसी सेल के अध्यक्ष एवं स्वर्णकर समाज के अध्यक्ष सुरेश वर्मा और दादरी जिले से रिटायर्ड टेक्निकल ऑफिसर साधु राम चौधरी भी जेजेपी में शामिल हुए। 

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