कार्रवाई / बोगस बिल काटकर 3.67 करोड़ का जीएसटी चोरी करने वाली दो फर्जी कंपनियों पर केस दर्ज



Cases filed against two fake companies for stolen GST
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Cases filed against two fake companies for stolen GST

  • टोहाना में विभाग की टीम को माैके पर नहीं मिली कोई कंपनी, स्टेट जीएसटी अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई 
  • अब तक 16 फर्जी कंपनियां सरकार को लगा चुकी हैं 230 करोड़ रुपए की चपत

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 06:39 AM IST

टोहाना. जिले में बोगस बिल काटकर सरकार को जीएसटी की चपत लगाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसी ही दो कंपनियों के खिलाफ टोहाना पुलिस ने करोड़ों की जीएसटी चोरी करने के आरोप में केस दर्ज किया है। यह केस स्टेट जीएसटी अधिकारी संजय खिचड़ की शिकायत पर दर्ज किया गया है। जिन दो कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उन्होंने बोगस बिल काटकर सरकार को करीब पौने 4 करोड़ जीएसटी की चपत लगाई है।


कंपनियों ने यह सारा खेल फर्जी बिल काटकर खेला था, लेकिन जब विभाग की टीम ने मौके पर जांच की तो न ही कंपनी मिली और न ही कंपनी का मालिक। इसके बाद जब कंपनियों के रिकॉर्ड की जांच की गई तो पूरा मामला सामने आया। शहर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि दोनों कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। दोनों मामलों की गहनता से जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।


पहले भी 16 कंपनियों पर दर्ज हो चुके हैं केस 
बता दें कि ऐसे ही फर्जी बिलों के सहारे सरकार को करोड़ों का जीएसटी का चुना लगाने वाली 16 कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज हो चुके हैं। ये कंपनियां सरकार को 230 करोड़ की चपत लगा चुकी हैं।

 

केस 1 : 1 करोड़ 65 लाख रुपए की जीएसटी चोरी की 

पुलिस को दी शिकायत में संजय खिचड़ ने बताया कि मैसर्ज सना इंटरप्राइजिज टोहाना की गुप्ता कॉलोनी में रजिस्टर्ड करवाई गई थी। इस कंपनी के मालिक ने कंपनी की करोड़ों की खरीद व बिक्री दिखाकर करोड़ों की रुपए की जीएसटी की चोरी की है। जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि गुप्ता कॉलोनी में सना इंटरप्राइजिज के नाम से कोई फर्म नहीं है।

 

फर्म के मालिक ने फर्जी कंपनी बनाकर बोगस बिल काटकर 9 करोड़ 20 लाख रुपए की सेल दिखा दी। इसके अलावा 14 लाख 33 हजार 727 रुपए की परचेज दिखा दी और 1 करोड़ 65 लाख रुपए की जीएसटी की चोरी कर ली। जांच के बाद यह खुलासा हुआ है। कंपनी मालिक ने फर्जी तौर पर कंपनी खड़ी करके करोड़ों के बिल काटकर रुपए एकत्रित कर लिए और विभाग को जीएसटी के रूप में 1 करोड़ 65 लाख रुपए नहीं भरे। 


केस 2 : 2 करोड़ 2 लाख 49 हजार रुपए जीएसटी चोरी की 
इसी प्रकार का अाराेप टोहाना के ही चंडीगढ़ रोड स्थित मैसर्ज सहज ट्रेडिंग कंपनी पर लगा है। स्टेट जीएसटी ऑफिसर संजय खिचड़ ने बताया कि इस फर्म के मालिक ने जीएसटी एक्ट 2017 के तहत 26 जुलाई 2018 को अपनी कंपनी रजिस्टर्ड करवाई थी। कंपनी को जीएसटी नंबर भी दिया गया था। बाद में जब जांच की गई तो पता चला कि इस नाम से कोई कंपनी चंडीगढ़ रोड पर नहीं है।

 

कंपनी के मालिक ने इस दौरान 11 करोड़ 32 लाख रुपए के बोगस बिल काटकर कंपनी की सेल तथा 12 करोड़ 23 लाख रुपए की फर्जी परचेज दिखा दी। इसकी एवज में कंपनी मालिक ने संबंधित लोगों से जीएसटी तो ले लिया, लेकिन सरकार को जीएसटी नहीं दी। इस प्रकार कंपनी के मालिक ने 2 करोड़ 2 लाख 49 हजार रुपए की जीएसटी की चोरी की है।

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