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करनाल (रोहताश शर्मा). एनडीआरआई में पशुपालन विभाग द्वारा लगाए गए मेले में अच्छी नस्ल के 850 पशु पहुंचे। मेले में मुर्रा नस्ल के झोटे, भैंस, देसी गाय, गिर गाय, भेड़ और ऊंट लेकर पशुपालक पहुंचे। मेले का शुभारंभ गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र मुर्रा नस्ल के झोटे और भैंस रहीं। इनकी कीमत करोड़ों रुपए में है। हजारों की संख्या में किसान अच्छी नस्ल के पशु देखने के लिए पहुंचे। मेले में 53 कैटेगरी के पालतु पशुओं की सुंदरता फिल्मी पर्दे के हीरो-हिरोइन की तर्ज पर रैंप पर बिखेरेंगी जाएगी। शनिवार को गाय-भैंस, झोंटा, बैल के अलावा ऊंट, घोड़े, खज्जर बकरी भी इठलाती हुईं रेंप पर चलेंगी।
मेले में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र मुर्रा नस्ल का झोटा रूस्तम रहा। यह झोटा पहले भी नेशनल लेवल पर कई बार चैंपियन रह चुका है। झोटे के मालिक गतौली निवासी दलेल सिंह ने बताया कि झोटे की कीमत 11 करोड़ रुपए है। रूस्तम की मां ने 25 किलो 533 ग्राम दूध का रिकार्ड बनाया था। झोटे का सीमन बेचते हैं। प्रतिमाह सीमन से पांच से छह लाख रुपए की आमदनी हो जाती है। सीजन में दस से 11 लाख रुपए की आमदन होती है।
12 लीटर दूध देने वाली प्योर देसी गाय
कलायत गोशाला से 12 लीटर दूध देने वाली प्योर देसी गाय भी मेले में पहुंची। आमतौर पर देसी गाय सात से आठ लीटर दूध देती है। गुणवत्ता में देसी नस्ल का दूध सेहत और दिमाग के लिए बहुत अच्छा है।
25 लाख का झोटा कर्ण
गांव प्रेम नगर जिला भिवानी से अमित कुमार भी अपने झोटे कर्ण को लेकर मेले में पहुंचा। झोटे की कीमत 25 लाख रुपए है। अमित कुमार झोटे के सीमन बेचकर प्रति माह लाखों रुपए कमा रहा है।
पशुओं का करवा सकते हैं अल्ट्रसाउंड : लाला लाजपतराय पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय हिसार के अलावा यूनिवर्सिटी के रीजनल सेटरों पर गाय और भैंस का अल्ट्रासाउंड 200 रुपए में हो जाता है। गर्भधारण करने के एक माह बाद ही पशुपालक पशुओं का अल्ट्रसाउंड करवा सकते हैं।
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