कैथल / डेरे की गाड़ियों से मिले सामान की सही जानकारी न देने पर इंस्पेक्टर-एएसआई के खिलाफ चार्जशीट

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 06:19 AM IST



तिरपाल से ढकी जिप्सी। तिरपाल से ढकी जिप्सी।
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तिरपाल से ढकी जिप्सी।तिरपाल से ढकी जिप्सी।

  • डेरा मुखी को दुष्कर्मी ठहराए जाने के बाद मिलीं गाड़ियों में हथियार होने का था अंदेशा
  • ये जिप्सियां 26 अगस्त 2017 को कैथल के रसूलपुर गामड़ी से बरामद हुईं थीं

कैथल. डेरा सच्चा सौदा की दो जिप्सियों से बरामद सामान की सही जानकारी न देने पर अब इंस्पेक्टर रणबीर सिंह व एएसआई रमेश को चार्जशीट कर जांच बैठाई गई है। ये जिप्सियां 26 अगस्त 2017 को कैथल के रसूलपुर गामड़ी से बरामद हुईं थीं।

 

इससे एक दिन पहले डेरा मुखी रेप का दोषी ठहराया गया था। उस दिन गांव के ही किसी व्यक्ति ने इन जिप्सियों की वीडियो बनाकर पुलिस को भेजी थी। अंदेशा था कि जिप्सियों में डेरे के हथियार हो सकते हैं। सीवन थाने के तत्कालीन एसएचओ रणबीर सिंह (अब करनाल में तैनात), एएसआई रमेश व टीम गांव पहुंची थी। एफआईआर में दिखाया था कि डेरे की जिप्सियों के डैश बोर्ड से 3 कारतूस बरामद हुए। एफआईआर में गाड़ियों से दो सूटकेस मिलने का जिक्र किया, लेकिन उनमें क्या मिला था, यह नहीं लिखा। इससे यह मालखाने में जमा नहीं हुआ। बाद में कोर्ट में पेश चालान में एक सूटकेस में गाड़ी की टूल किट और दूसरे में बम निरोधक सामान की बरामदगी दिखाई। 
तिरपाल से ढकी जिप्सी। 

 

वीडियो आया तो खुली एफआईआर की पोल 
एफआईआर में दिखाया था कि गली में खड़ी एक जिप्सी से गुरप्रीत व दूसरी से जितेंद्र कहीं जाने वाले थे। जबकि किसी ने मौके की वीडियो वायरल की थी। बाद में पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई। रसूलपुर के जयपाल ने आरटीआई से पुलिस की वीडियोग्राफी हासिल की। जिसमें दिख रहा है कि जिप्सी गली की बजाय एक आरोपी के घर खड़ी थी। पुलिस ने जो बैग जिप्सी से बरामद दिखाया वह आरोपी के घर में बेड से मिले थे।
 

तत्कालीन एसएचओ रणबीर सिंह व एएसआई रमेश को लापरवाही बरतने पर चार्जशीट किया गया है। दोनों ने बरामद सामान दिखाने में लापरवाही बरती। -प्रमोद कुमार, डीएसपी गुहला

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