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इनेलो में रार / दुष्यंत चौटाला ने कहा- कुछ जयचंद हैं, जो पार्टी से बाहर करना चाहते थे



सांसद दुष्यंत चौटाला। (फाइल) सांसद दुष्यंत चौटाला। (फाइल)
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सांसद दुष्यंत चौटाला। (फाइल)सांसद दुष्यंत चौटाला। (फाइल)
  • चंडीगढ़ में बोले-निष्कासित करके मुझे नहीं रोका जा सकता
  • मैं उसी चौटाला का खून हूं, जिसे चौधरी देवीलाल ने बाहर कर दिया था

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 01:57 PM IST

चंडीगढ़। चौटाला परिवार में चल रहे सत्ता की लड़ाई के बीच सांसद दुष्यंत चौटाला खुलकर अपने चाचा अभय चौटाला का नाम लेने से बच रहे हैं। शनिवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान जब उनसे सवाल किया गया कि आप खुलकर अभय चौटाला का नाम क्यों नहीं ले रहे तो उन्होंने जवाब दिया कि यदि कुछ लोग इस संगठन को तोड़ेंगे या कैप्चर करेंगे तो हर लोकदलीय इसे दिल से सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ जयचंद ऐसे हैं जो चाहते थे कि हमारे संघर्ष को तोड़ा जाए और पार्टी से निकाला जाए।

बोलो निष्कासित करके मुझे नहीं रोक सकते

  1. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि निष्कासन तो मेरे परिवार ने कई झेले हैं, मंच पर जब चौधरी चरण सिंह ने चौधरी देवीलाल को निष्कासित कर दिया था तो चौधरी देवीलाल रुके नहीं थे। चौधरी देवीलाल ने ओमप्रकाश चौटाला को निष्कासित कर दिया था तो वे रुके नहीं थे। मैं भी उन्हीं चौटाला का खून हूं, निष्कासित होने से रुकने वाला नहीं हूं।

  2. अपने निष्कासन पर उन्होंने कहा कि जब मुझे नोटिस दिया गया तो मैंने कहा था कि मेरे खिलाफ कोई सुबूत हो तो दिया जाए। लेकिन, मुझे कोई सुबूत उपलब्ध नहीं कराया गया। मेरे पत्र का कोई जवाब नहीं आया तो मैंने अनुशासन समिति के अध्यक्ष शेर सिंह बड़शामी को भी लिखा। मुझे बिना पूछे और बताए पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया, जिसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली।

  3. दुष्यंत ने कहा कि मुझे अभी तक चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के हस्ताक्षर किया हुआ पत्र नहीं मिला है, जिसमें लिखा हो कि मुझे पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। यदि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला लिखित आदेश देंगे तो मैं पार्टी से बाहर चला जाऊंगा और इसे कहीं चैलेंज भी नहीं करूंगा।

  4. उन्होंने कहा कि पिछले 4 साल से उन्हें और अजय चौटाला के कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यक्रमों व गतिविधियों से दूर रखा जा रहा है। इन कार्यकर्ताओं की बेइज्जती की जा रही है। जिनकी 3 से 4 पीढ़ियां संगठन से जुड़ी रही उन्हें कुछ लोगों द्वारा कांग्रेसी बताया जा रहा है। चौधरी अजय चौटाला के बाहर आने से 48 घंटे पहले उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।

  5. कुछ लोगों का मानना है कि पार्टी को हथिया लिया जाएगा लेकिन पार्टी किसी अकेले आदमी की नहीं है बल्कि चौधरी देवालाल के उन सिपाहियों की है जो इसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल की विचारधारा को टूटने नहीं दूंगा। फिर उन्होंने सवाल किया कि क्या जिंदाबाद के नारे लगाने वाले कांग्रेसी कहलाए जाते हैं? शायराना अंदाज  में कहा कि समय ने एक बात जरूर सिखाई है कि वक्त का रूख बदलना आता है, हमें कांटों पर भी चलना आता है। अभिमन्यु समझकर लोगों ने रच दिया चक्रव्यूह , हमें मिलकर चक्रव्यूह तोड़ना भी आता है।

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