जन आशीर्वाद यात्रा / ढाबा, डेयरी व पोल्ट्री फार्मों को व्यावसायिक श्रेणी के मुकाबले 50% कम देना होगा प्राॅपर्टी टैक्स : सीएम



यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं का अभिवादन लेते सीएम। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं का अभिवादन लेते सीएम।
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यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं का अभिवादन लेते सीएम।यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं का अभिवादन लेते सीएम।

  • फतेहाबाद-सिरसा में सीएम ने किसानों व अन्य वर्गों को दी राहत
  • 2013 में प्राॅपर्टी टैक्स के लिए बनाई दर्जन भर श्रेणियां, मांग पर किया गया संशोधन

Dainik Bhaskar

Sep 07, 2019, 03:34 AM IST

पानीपत. प्रदेश में ढाबा, डेयरी और पोल्ट्री फार्म संचालकों समेत किसानों को मनोहर लाल ने राहत दी है। अब ढाबा, डेयरी और पोल्ट्री फार्मों को व्यावसायिक श्रेणी से 50 फीसदी कम प्राॅपर्टी टैक्स भरना होगा। अब इनकी दर निर्धारित की गई है, जिसे सीएम मनोहर लाल ने मंजूरी दी है। इसके अलावा दिसंबर 2018 से पहले 30 हार्स पावर तक ट्यूबवेल के लिए जल्द बिजली कनेक्शन देने के आदेश दिए गए हैं।  

 

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2013 में प्रापर्टी टैक्स के लिए दर्जन भर श्रेणी निर्धारित हुई थी, जिसमें पेट्रोल पंप, बैंक्वेट हाल से लेकर होटल तक शामिल थे। एक प्रतिनिधिमंडल ने परेशानी से रू-ब-रू कराते हुए इसके समाधान की मांग की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अब ढाबा, डेयरी व पोल्ट्री फार्मों को श्रेणी में लाने के साथ-साथ उनकी प्रापर्टी टैक्स के लिए दर निर्धारित कर दी है। इससे हजारों लोगों को फायदा होगा। प्रदेश सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2019 तक प्रापर्टी टैक्स बकाया के मूल पर 10 प्रतिशत की छूट अाैर ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया है।
 

सीएलयू के आवेदन कर चुके ढाबों संचालकों को भी राहत

मंत्री कविता जैन ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीएलयू ले चुके ढाबा संचालक तथा सीएलयू के लिए आवेदन कर चुके ढाबा संचालकों को नई श्रेणी के दायरे में लाया गया है। अब ढाबों को व्यवसायिक क्षेत्र के प्राॅपर्टी टैक्स का 50 फीसदी कम भुगतान करना होगा।  ढाबों के अंदर खाली क्षेत्र के प्रापर्टी टैक्स का भुगतान व्यवसायिक श्रेणी के खाली भूखण्ड के अनुसार होगा। 

 

डेयरी, पोल्ट्री फार्मों के लिए क्या निर्धारित की गई दर
दो एकड़ में स्थापित डेयरी एवं पोल्ट्री फार्म के प्रापर्टी टैक्स के लिए गुड़गांव और फरीदाबाद नगर निगम में पांच रुपए प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष अाैर बाकी नगर निगमों में 3.75 रुपए प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है। प्रदेश की सभी नगर परिषद में 2.50 रुपए प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष अाैर सभी नगर पालिकाओं में दाे रुपए प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार वो ढाबे, डेयरी एवं पोल्ट्री फार्म जो दो एकड़ से ज्यादा के स्थान में हैं, उनके लिए अतिरिक्त स्थान के लिए गुड़गांव एवं फरीदाबाद नगर निगम में एक रुपया प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष अाैर बाकी नगर निगमों में 75 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष, सभी नगर परिषद में 50 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष व सभी नगर पालिकाओं में 40 पैसे प्रति वर्ग गज प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है।

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