लोकसभा / पिछला लोकसभा चुनाव हारे तो कांग्रेस से बसपा में गए डॉ. शर्मा, घर वापसी की थी उम्मीद, आखिर भाजपा में आए



2014- बसपा का सीएम चेहरा 2014- बसपा का सीएम चेहरा
2017- दीपेंद्र से नजदीकियां 2017- दीपेंद्र से नजदीकियां
2017- शर्मा की जोड़ी 2017- शर्मा की जोड़ी
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2014- बसपा का सीएम चेहरा2014- बसपा का सीएम चेहरा
2017- दीपेंद्र से नजदीकियां2017- दीपेंद्र से नजदीकियां
2017- शर्मा की जोड़ी2017- शर्मा की जोड़ी

  • पूर्व सांसद पिछले 2 साल से शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के संपर्क में थे
  • पिछले विधानसभा चुनाव में वे 2 सीटों से लड़े और हार गए

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 07:06 AM IST

पानीपत (सुशील भागर्व). पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में आस्था जताई है। पूर्व सांसद पिछले 2 साल से शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के संपर्क में थे। शुक्रवार को उन्होंने भाजपा जॉइन कर ली। इससे पहले डॉ. शर्मा की वापस कांग्रेस में जाने की चर्चा भी चली थी। 

 

गौरतलब है कि पूर्व सांसद डॉ. शर्मा 2014 में कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़े और भाजपा के प्रत्याशी अश्विनी चोपड़ा से हार गए। इसके बाद उन्होंने बसपा जॉइन की तो पार्टी ने उन्हें सीएम चेहरा घोषित कर दिया। पिछले विधानसभा चुनाव में वे 2 सीटों से लड़े और हार गए। वर्ष 2016 में उन्होंने बसपा भी छोड़ दी। इसके बाद शर्मा ने सांसद दीपेंद्र संग मंच साझा कर हुड्डा की पसंदीदा गुलाबी पगड़ी पहनी। तब कांग्रेस में लौटने के कयास लगे। फिर करनाल में मई 2017 को शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा संग मंच साझा किया, तब से लेकर इस खिचड़ी को पकने में दो साल लग गए। 

 

कर्ण नगरी फिर बनेगी कर्म भूमि, बड़ा सम्मेलन जल्द, लेकिन मेनका-जेटली के भी चल रहे नाम : 

सूत्रों के अनुसार पूर्व सांसद करनाल में जल्द बड़ा सम्मेलन करेंगे, जिसमें उनके कार्यकर्ताओं को भी भाजपा में शामिल किया जाएगा। इसमें सीएम मनोहर लाल के अलावा भाजपा प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष समेत अन्य विधायकों को भी न्योता दिया जाएगा। इधर, करनाल से मेनका गांधी और अरुण जेटली के भी नाम चल रहे थे। अब समीकरण बदल सकते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि संसदीय समिति जो फैसला करेगी, वही मान्य होगा। 10 बरस करनाल में सक्रिय रहे शर्मा फिर वहीं से दूसरी पारी शुरू कर सकते हैं। 

 

भाजपा ने जींद उपचुनाव में भी लगाई थी ड्यूटी,  5-6 बार गए, हाईकमान ने लिया था फीडबैक :

सूत्रों का कहना है कि जींद विधानसभा उपचुनाव में भी उनकी ड्यूटी लगी थी। वे 5-6 बार जींद में गए थे। पार्टी ने जींद में भी सक्रिय भूमिका निभाने को लेकर सभी तरह की जानकारी जुटाई गई। ऐसे में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने शर्मा को भाजपा में शामिल करने का फैसला किया। पिछले करीब एक साल से वे दिल्ली में पार्टी के आला नेताओं के संपर्क में थे और कई बार हरियाणा भाजपा के नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं। डॉ. अरविंद शर्मा ने अपने राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।
 

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