अवेयरनेस रिपोर्ट / साइटों पर सर्टिफाइड विक्रेता से ही लें सामान, पब्लिक प्लेस पर फोन चार्ज करने से बचें, फ्री-नेटवर्क पर बैंकिंग न करें

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह- https से शुरू हो और इससे पहले लॉक का साइन दिखे तभी मानें कि सिक्योर है वेबसाइट

दैनिक भास्कर

Jan 23, 2020, 04:52 AM IST

पानीपत. प्रदेश में 2019 में करीब 9000 लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए। यह संख्या चिंताजनक है, क्योंकि तमाम मामले तो रिपोर्ट ही नहीं होते। इस तरह की ठगी नए-नए रूप में बढ़ रही है। हमने बुधवार के अंक में स्टिंग ऑपरेशन से बताया कि किस तरह मेवात के कुछ गांव ऑनलाइन फ्रॉड का गढ़ बन चुके हैं। आज हमारे एक्सपर्ट्स एथिकल हैकर परितोश कुमार और शिवांश सिंह आपको बता रहे हैं कि ऐसी धाोखाधड़ी से कैसे बचें।


दोनों हैकिंग इंस्टीट्यूट सीसीएएस, नई दिल्ली के एक्सपर्ट हैं और जरूरत पर पुलिस का भी सहयोग करते हैं। इनका कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर फोन चार्ज करने से बचें और फ्री नेटवर्क पर बैंकिंग तो बिल्कुल भी न करें। यहां हैकर आसानी से आप तक पहुंच सकता है।

अकाउंट नंबर, एटीएम पिन, ओटीपी व सीवीवी नंबर किसी से शेयर न करें। होटल, रेस्तरां या शॉपिंग सेंटर में अलर्ट रहें। ध्यान भटकाकर सेल्समैन आपके कार्ड को छुपाए स्किमर डिवाइस में स्वाइप कर लेते हैं और जब पेमेंट के लिए पिन डालते हैं तो उसे सीसीटीवी से देख लेते हैं।

ऑनलाइन बैंकिंग व एटीएम

  • पासवर्ड कुछ अंतराल के बाद जरूर बदलें। 
  • एटीएम से पैसा नहीं निकले तो तुरंत वापस ना जाएं और बैंक को सूचित करें।
  • बैंकिंग सुरक्षित वेबसाइट या एप पर ही करें। वेबसाइट https से शुरू हो और पहले लॉक (ताले) का साइन हो तो साइट सेफ है। सिर्फ http हो तो साइट सेफ नहीं है। 
  • सार्वजनिकनि:शुल्क नेटवर्क पर नेट यूज कर लें पर बैंकिंग न करें। आपके व हॉट-स्पॉट के बीच आकर हैकर डेटा उड़ा सकता है।

फोन काॅल व ऑनलाइन लिंक 

  • रेगुलर किश्त न जाने से रुकी पॉलिसी का पैसा दिलाने के ऑफर्स पर सतर्क रहें।  
  • विदेशी नंबर से आने वाले काॅल से सावधान रहें। 
  • फोन सार्वजनिक जगहों पर चार्ज न करें। जूस जैकिंग तकनीक से चार्जिंग पॉइंट को यूएसबी की तरह यूज कर हैकर्स वायरस के जरिए मोबाइल से डाटा चुरा लेते हैं।  
  • लॉटरी, इनाम व फ्री गिफ्ट वाले ईमेल या मैसेजों को तुरंत डिलीट कर दें, क्योंकि इन लिंक्स से डाटा चोरी हो सकता है।
  • घर से काम कराने वाली साइट से बचेंं। रजिस्ट्रेशन आदि के नाम पर ठगी संभव है।

ऑनलाइन शॉपिंग: एप की रेटिंग देखें

  • भरोसेमंद वेबसाइट से ही करें। एप की रेटिंग से करें पहचान। बेचने वालों के रिव्यू पढ़ें।
  • डिलीवरी व पैकेट खोलने की वीडियो बनाएं।
  • कैश ऑन डिलीवरी ऑप्शन ज्यादा बेहतर।

ओएलएक्स: बेचने वाले को बुलाएं

  • जांच करें कि विक्रेता साइट से सर्टिफाइड है या नहीं। रुटीन में बेचने वाले ही सर्टिफाइ होते हैं।
  • मार्केट से ज्यादा सस्ता हो तो सतर्क हो जाएं।
  • आसपास के विक्रेता को ही प्राथमिकता दें।
  • खाते में एडवांस राशि ट्रांसफर नहीं करें।

इंश्योरेंस व लोन: ये दो आसान तरीके

  • रुकी हुई इंश्योरेंस पॉलिसी के पैसे या लोन दिलाने के नाम पर पहले कम पैसे ठगते हैं।
  • फिर धीरे-धीरे बड़ी राशि मांगने लगते हैं और आप जाल में फंसते चले जाते हैं।  

सरकारी योजनाएं: कार्यालय से जुड़ें

  • सरकारी कार्यालय से फोन नहीं आते और आते हैं तो वो निजी जानकारी नहीं मांगते।
  • नजदीकी कार्यालय से ही जानकारी लें।
  • आधार कार्ड लिंक कराना है या पैन कार्ड इसके लिए नजदीकी सीएससी सेंटर जाएं।

जॉब फ्रॉड: फीस के नाम पर ठगी

  • ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए लिंक भेजते हैं। इन पर जाते ही डिटेल चुराकर ठग लेते हैं। इसलिए जॉब आधिकारिक साइटों पर ही देखें।

लेनदेन का मैसेज न आए तो अलर्ट

  • बैंकिंग के बाद मैसेज न आए तो अलर्ट हो जाएं।
  • हैकर बैंक के ब्रांच सर्वर को हैक कर एक साथ हजारों खातों से छोटी-छोटी राशि निकालते हैं, जिसका पता भी नहीं चलता।

ठगी होने पर ये हैं आपके अधिकार

  • मुआवजे का प्रावधान: आईटी एक्ट की धारा 43 के अनुसार बिना स्वीकृति काेई किसी के कंप्यूटर आदि से छेड़छाड़ करता है ताे अनलिमिटेड मुआवजा देना पड़ सकता है।
  • आपकी गलती नहीं तो मिलेंगे पैसा: पीएनबी के मैनेजर भारत भूषण ने बताया कि अगर आपकी गलती नहीं है और खाते से रुपए कट जाते हैं ताे आपको बैंक पैसा देगा।
  • यहां 3 दिन में शिकायत जरूरी: बैंक या ग्राहक की गलती नहीं है। थर्ड पार्टी उल्लंघन हुआ है। ग्राहक को बैंक को तीन दिन में सूचना देता है, ताे पैसे मिलेंगे।
  • पिन व नंबर शेयर करने पर पैसे नहीं मिलेंगे:  अगर ग्राहक एटीएम पिन, कार्ड नंबर जैसी जानकारियां किसी से शेयर कर देता है तो पैसे वापस नहीं मिलेंगे।  
  • ऐसे कर सकते हैं शिकायत: बैंक वेबसाइट, फोन बैंकिग, एसएमएस, ई मेल, हेल्पलाइन नंबर के साथ केंद्र ने ऑनलाइन पोर्टल cybercrime.gov.in बनाया है।

कहीं लाॅटरी के नाम पर एक करोड़ छह लाख तक ठगे, कहीं फौजी बन भरोसा जीत कर ले उड़े हजारों रुपए

दो करोड़ की लॉटरी, एक करोड़ ठगी

सोनीपत. सेक्टर-15 की सरिता ने बताया कि आठ अगस्त को उसके फोन पर एक मैसेज आया था। उनकी 2 करोड़ 75 लाख की लॉटरी लगने की बात कही गई। इसके बाद आरबीआई में खाता खुलवाने व करेंसी एक्सचेंज के नाम पर धीरे-धीरे 1 करोड़ 6 लाख 42 हजार रुपए ठग लिए गए।

 

फौजी बन स्कूटी दिखा 86 हजार रु. ठगे

रोहतक. फौजी बन इंजीनियरिंग छात्रा को ओएलएक्स पर स्कूटी दिखाई। एडवांस में प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसा मांगा। कई बार में खाते में 86 हजार जमा करा लिया। आरोपी ने स्कूटर का 23 हजार काटकर बाकी पैसा 63 हजार वापस करने का झांसा दिया था। फिर ठग ने मोबाइल बंद कर लिया।

पता नहीं कैसे निकाल लिए 63 हजार रु.

हिसार. पीएलए में रहने वाले गुलशन कुमार ने बताया कि अक्टूबर और नवंबर माह में क्रेडिट कार्ड से अज्ञात साइबर क्रिमिनल ने 64243 रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। चौंकाने वाली बात यह कि क्रेडिट कार्ड मेरे पास था। न तो मेरे पास ओटीपी आया और न ही कोई मैसेज व कॉल।

एसडीएम के मामले में लगा आईटी एक्ट

रेवाड़ी. फेसबुक आईडी को हैक करके परिचितों से पैसे मांगने से जुड़ा मामला बावल एसडीएम रविंद्र कुमार के आया। तब पुलिस ने आईटी एक्ट व 420 के तहत केस दर्ज किया। हालांकि जिले में अक्टूबर से दिसंबर 2019 तक 5 मामले सामने आए जिनमें पुलिस ने आईटी एक्ट की बजाय 420 के तहत केस दर्ज किया।

जब जागरूक करने वाले बने शिकार

अम्बाला. यूनियन बैंक के रिटायर्ड अधिकारी एवं कैंप लगाकर ऑनलाइन फ्रॉड के प्रति जागरूक करने वाले ओपी बनमाली ठगी का शिकार हो गए। उन्हें पेटीएम एकाउंट रि-एक्टिवेट करने के नाम पर लिंक मिला, जिससे खाते से 20 हजार निकल गए। हालांकि उन्होंने खाता फ्रीज करवा दिया तो 50 हजार बच गए।

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