हरियाणा /इन होनहारों ने किया 12वीं कक्षा में हरियाणा टॉप, दीपक के पापा राजमिस्त्री तो पलक है टेलर की बेटी



haryana board class 12th results HBSE toppers experiences
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haryana board class 12th results HBSE toppers experiences

  • दैनिक भास्कर प्लस ऐप्प के साथ बात करते हुए होनहार विद्यार्थियों ने किए अपने अनुभव सांझा

Dainik Bhaskar

May 15, 2019, 05:05 PM IST

पानीपत. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया। इसमें दो लड़कों और दो लड़कियों ने राज्य में टॉप किया। इसे होनहार बच्चों की मेहनत ही कहा जाएगा कि कोई किसान का बेटा या बेटी है, कोई टेलर की लाडली तो कोई राजमिस्त्री का। वहीं भिवानी के बवानीखेड़ा के जिस सरकारी स्कूल के छात्र दीपक ने 12वीं में 500 में से 497 नंबर हासिल कर टॉप किया है, वहां मैथ व केमेस्ट्री टीचर के पद अप्रैल 2018 से फरवरी 2019 तक खाली रहे। राजमिस्त्री रायसिंह के बेटे दीपक ने विज्ञान में राज्यभर में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, वाणिज्य में टॉप करने वाली हिसार की पलक भी मिडिल क्लास परिवार से है। उसके पिता अश्वनी पेशे से टेलर हैं। इसके अलावा कला वर्ग में भी टॉपर्स में एक छात्र और छात्रा रही। दैनिक भास्कर प्लस एप के साथ इन होनहारों ने अपने पढ़ाई के अनुभव साझा किए।

  • भिवानी के जिस स्कूल में मैथ-केमेस्ट्री के टीचर नहीं, वहीं का दीपक 497 अंक के साथ टॉपर

    भिवानी के जिस स्कूल में मैथ-केमेस्ट्री के टीचर नहीं, वहीं का दीपक 497 अंक के साथ टॉपर

    भिवानी के बवानीखेड़ा के जिस सरकारी स्कूल के छात्र दीपक ने 12वीं में 500 में से 497 नंबर हासिल कर टॉप किया है, वहां मैथ व केमेस्ट्री टीचर के पद अप्रैल 2018 से फरवरी 2019 तक खाली रहे। अलखपुरा के स्कूल से हुनेश कुमार मैथ तो रतेरा के स्कूल से राजेंद्र सिंह केमेस्ट्री पढ़ाने सप्ताह में 2 दिन आते थे। फरवरी में स्थाई टीचर ज्योति रानी व विजेश कुमारी मिलीं। 

     

    पांच बहनों का इकलौता भाई है दर्जी का बेटा दीपक: भिवानी जिले के बवानीखेड़ा उपमंडल में छोटे से गांव पुर का सामान्य परिवार। परिवार के मुखिया राय सिंह पेशे से राजमिस्त्री हैं और पत्नी गृहिणी। इन दोनों के 5 बेटियों और एक बेटे के इन माता-पिता ने हमेशा अपने बच्चों को बढ़िया माहौल देने की भरपूर कोशिश की है, वहीं बच्चों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। मास्टर डिग्री और नेट क्वालिफाइ कर चुकी 4 बेटियां, पांचवें नंबर का बेटा और सबसे छोटे लाडली सदा ही 70 से 80 प्रतिशत नंबर लाते रहे हैं। इस बार दीपक ने परिवार की नाक और भी ऊंची कर दी। उसने राज्यभर में टॉप किया है।

  • स्कूल में पूरे मन से बैठो और सुबह दिमाग की ताजगी का फायदा जरूर लो

    स्कूल में पूरे मन से बैठो और सुबह दिमाग की ताजगी का फायदा जरूर लो

    कॉमर्स संकाय में प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने वाली पलक का नाम टॉपर्स की लिस्ट में देख परिजन खुशी से झूम उठे। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगना शुरू हो गया।

    पलक का परिवार: पीजीएसडी सीनियर सेकंडरी स्कूल हिसार की छात्रा पलक के पिता अश्विनी कुमार टेलर हैं। मां हाउसवाइफ हैं। इस दंपती की दो ही बेटियां हैं, जिनमें पलक बड़ी है तो छोटी बेटी नौवीं क्लास में है।

    सीए बनने की तमन्ना है पलक की: पलक की ख्वाहिश आगे चलकर चार्टर्ड एकाउंटेट बनने की है।

    दूसरों से अलग क्या: अपनी कामयाबी के बारे में दैनिक भास्कर प्लस ऐप्प को पलक ने बताया वह सुबह की पढ़ाई को सबसे बेहतर मानती है, क्योंकि इस वक्त आदमी का दिमाग एकदम ताजा होता है। बकौल पलक मैं सुबह 5 से 8 बजे तक पढ़ती थी। इसके बाद नहा-धोकर और खा-पीकर स्कूल चले जाती थी। फिर स्कूल से आने के बाद आराम करती थी और शाम के वक्त थोड़ा सा स्कूल में मिला होमवर्क पूूरा करती थी। इसके बाद रोज सुबह वही स्कूल में पढ़े हुए को रिवाइज करने का काम। पलक से जब पूछा गया, कॉमर्स की पढ़ाई के लिए कभी ट्यूशन की जरूरत नहीं पड़ी तो उसने बड़े पते की बात कही कि अगर क्लास में शरीर और मन को एक साथ रखकर बैठा जाए और फिर रोज का काम रोज पूरा कर लिया जाए तो फिर किसी ट्यूशन या नोट्स वगैरह की जरूरत ही नहीं।   

  • ज्यादातर बेड पर ही रहते हैं कैंसर पीड़ित पिता, मां ने नहीं कहा कभी काम के लिए

    ज्यादातर बेड पर ही रहते हैं कैंसर पीड़ित पिता, मां ने नहीं कहा कभी काम के लिए

    500 में से 494 अंक लेकर आर्ट्स में हरियाणा में पहले नंबर पर आया शिव कुमार पलवल के जीवन ज्योति स्कूल में पढ़ता है। आज परीक्षा परिणाम आने के बाद स्कूल में फूलमालाएं डालकर व मिठाई खिलाकर शिव कुमार का स्वागत किया गया। शिवकुमार की इस उपलब्धि से स्कूल सहित जिले में खुशी का माहौल है। छात्र शिवकुमार ने बताया कि वह आईएएस बनकर देश के लोगों की सेवा करना चाहता है। शिवकुमार काे खेलों में क्रिकेट सबसे प्रिय है और क्रिकेटर रोहित शर्मा को अपना आदर्श मानता है।

    शिव कुमार का परिवार: शिव कुमार के परिवार का गुजर खेती से चलता है, जिसमें माता-पिता के अलावा दो छोटी बहनें हैं। कैंसर से पीड़ित होने के चलते पिता सोमदत्त ज्यादातर बिस्तर पर ही रहते हैं और ऐसे में जिम्मेदारी का सारा बोझ शिव की मां शारदा देवी के कंधों पर ही आ जाता है। वह अकेली पूरे परिवार की देखभाल करती हैं, लेकिन कभी भी बच्चों को इसका अहसास नहीं होने देतीं। वह कभी बच्चों को काम के लिए नहीं कहती, कहती है तो सिर्फ एक ही बात कि वो अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें।

    स्कूल से आने के बाद पांच घंटे पढ़ता था शिव: उधर शिव कुमार भी परिवार के संघर्ष को फलीभूत करने के लिए दिन-रात मेहनत करता है। छात्र शिवकुमार ने बताया कि वह स्कूल से घर जाकर प्रतिदिन पांच घंटे पढ़ाई करता था। स्कूल के सभी अध्यापकों ने पढ़ाई के दौरान काफी सहयोग किया। वहीं स्कूल के प्रिंसिपल मंजीत रावत ने बताया कि छात्र शिवकुमार शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहा है और उसकी यह उपलब्धि स्टाफ की कड़ी मेहनत है।

  • सभी विषयों का शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की, सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान

    सभी विषयों का शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की, सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान

    कला संकाय में फरीदाबाद से किसान की बेटी शिवानी वत्स ने 494 अंक हासिल कर हरियाणा में प्रथम स्थान हासिल किया है। शिवानी जिले के गांव पुन्हेड़ा खुर्द पिता बाबूराम और मां कमलेश समेत भाई-बहनों के साथ रहती हैं।

     

    बनना चाहती हैं आईएएस अफसर: जिले के एसडी मेमोरियल सीनियर सेकंडरी स्कूल मोहना की शिवानी वत्स का कहना है कि उसने सभी विषयों का शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की। साथ ही सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान देना दिया। दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। छुट्टी वाले दिन भी वह पढ़ती थी।

     

    तनाव दूर करने के लिए गाना सुनें, गेम खेलें, नावल पढ़ें: शिवानी बोली जब तनाव हो तो उसे दूर करने के लिए गाना सुनें, गेम खेलें, नॉवल पढ़ें। शिवानी डीयू से राजनीति शास्त्र से बीए करना चाहती हैं। आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं।

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