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फैसला / रिटायर्ड BDPO के सहारे सरकार, नई नियुक्ति की बजाए 29 पूर्व अफसरों को 1 साल के लिए दी नियुक्ति



  • ज्वाइनिंग से पहले सिविल सर्जन द्वारा फिजिकल व मेंटली फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा
  • इसके बाद ही होगी रिटायर्ड बीडीपीओ की दोबारा नियुक्ति 
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 03:11 PM IST

जींद। नए बीडीपीओ की भर्ती कर युवाओं को रोजगार देने की बजाय सरकार रिटायर्ड बीडीपीओ के सहारे ही काम चला रही है। सरकार ने प्रदेश में 29 रिटायर्ड बीडीपीओ को फिर से पुरानी सेलरी (मिल रही पेंशन राशि को काटकर) एक साल के लिए नियुक्ति दी है।

 

 

नियुक्त किए गए बीडीपीओ को जॉइनिंग से पहले सिविल सर्जन द्वारा फिजिकल व मेंटली फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा। खास बात यह है कि सरकार द्वारा रिटायर्ड बीडीपीओ की पुन: नियुक्ति के बाद भी प्रदेश में बीडीपीओ की कमी दूर नहीं हुई है। अब भी कई ऐसे ब्लॉक हैं जहां कई महीनों से बीडीपीओ की कुर्सी खाली पड़ी है। जिन 29 ब्लॉक में रिटायर्ड बीडीपीओ की नियुक्ति की गई है उनमें भी लंबे समय से बीडीपीओ नहीं थे।

 

 

कई बीडीपीओ ऐसे जहां से हुई थी सेवानिवृत्ति वहीं होगी अब जॉइनिंग
सरकार ने जिन 29 बीडीपीओ की रिजॉइनिंग की है, उनमें से कई बीडीपीओ ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति अब उसी ब्लॉक में होगी। जहां से वे 60 साल के होने पर सेवानिवृत्त हुए थे। उनके सेवानिवृत्ति के बाद इन ब्लॉकों में बीडीपीओ की नियुक्ति ही नहीं हो पाई थी।

 

 

ये होगा फायदा- पंचायतों के समय पर निपटेंगे काम
प्रदेश में रिटायर्ड अधिकारियों की बीडीपीओ की नियुक्ति होने से प्रदेश की सैकड़ों ग्राम पंचायतों को फायदा होगा। क्योंकि बीडीपीओ के न होने या फिर एडिशनल चार्ज होने से पंचायत द्वारा गांवों में करवाए जाने वाले विकास कार्यों व अन्य कामों में बाधा आ रही थी।

 

 

पहले थे डीडीपीओ, डिप्टी सीईओ अब बुढ़ापे में होंगे बीडीपीओ
सरकार ने सेवानिवृत्ति के बाद जिन 29 रिटायर्ड अधिकारियों को बीडीपीओ नियुक्त किया है। उनमें से कई अधिकारी ऐसे हैं जो डीडीपीओ व डिप्टी सीईओ जिला परिषद के पदों से सेवानिवृत्त हुए थे और अब बीडीपीओ का काम करेंगे। इनमें रिटायर्ड डिप्टी सीईओ नरेंद्र सिंह, ईश्वर चंद, रिटायर्ड डीडीपीओ रमेश चंद, रणसिंह, हरिकृष्ण शर्मा, जगराम मान, दलीप सिंह, धर्मबीर यादव शामिल हैं।
 

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