राजनीति / विज ने दिए थे तत्काल 2 अफसरों को सस्पेंड करने के आदेश, देरी हुई तो ले आए स्टे, अब देरी करने वाले पर कार्रवाई के आदेश



हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।

  • पानीपत की कष्ट निवारण समिति की बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के दो अफसरों को किया था सस्पेंड
     

Dainik Bhaskar

Jul 11, 2019, 08:00 PM IST

पानीपत। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों की अवेहलना करना कुछ अधिकारियों को महंगा पड़ सकता है। जी हां, 28 जून 2019 को 9 महीने बाद पानीपत में हुई कष्ट निवारण समिति की बैठक में विज ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के दो अफसरों को सस्पेंड किया था। दोनों ने बिना नोटिस दिए एक मकान पर बुल्डोजर चलवाकर गिरवा दिया था। विज के आदेश के बाद इन अफसरों के सस्पेंशन में देरी हुई तो ये दोनों हाईकोर्ट से स्टे ले आए। यह बात अब विज को पता चली तो उन्होंने सस्पेंशन में देरी करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई करने के लिए मुख्य सचिव को लिखा है। 

विज ने लिखा अधिकारियों ने कार्रवाई में देरी की तो उनका सस्पेंशन रुक गया

  1. मंत्री विज ने लिखा है कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के दवेंद्र मलिक व कर्मवीर को तत्काल सस्पेंड करने के आदेश दिए गए थे। उन्हें समाचारपत्रों के माध्यम से पता चला कि दोनों हाईकोर्ट से स्टे ले आए, जिस वजह से उनका सस्पेंशन रुक गया। क्योंकि अधिकारियों द्वारा समय पर सस्पेंड करने की कार्रवाई नहीं की गई तो वे स्टे ले आए। 

  2. जबकि इस संबंध में हिदायतें जारी की गई है कि सस्पेंड के आदेश पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन पर संबंधित जिला उपायुक्त द्वारा उसी दिन कार्रवाई की जाएगी। यदि उसी दिन सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाती तो हाईकोर्ट से स्टे न मिलता। विज ने मुख्य सचिव को इस मामले पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारी पर अनुशासनिक कार्रवाई करने के लिए कहा है। 

  3. गौरतलब है कि पिछले दिनों खुद एक इसी तरह का मामला आने पर खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह आदेश दिए थे कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में सस्पेंड के आदेश को तत्काल अमल में लाया जाना चाहिए। 

  4. इस वजह से सस्पेंड हुए थे दोनों अफसर 

    पानीपत के सेक्टर-24 में रहने वाली राजरानी की शिकायत थी कि 1989 में उसके पिता ने 100 वर्ग गज प्लॉट लिया। साथ में 200 वर्ग गज प्लॉट भी है। एचएसवीपी के अफसरों ने बिना किसी पूर्व नोटिस के 23 जुलाई 2018 को 100 वर्ग गज में बने मकान यह कहकर तोड़ दिया कि यह कब्जा है। बाद में डीलरों को कब्जा करा दिया।
     

  5. अनिल विज ने एचएसवीपी के ईओ योगेश रंगा से नाराज दिखाई और कहा था कि आपने अधिकार का दुरुपयोग किया है। लोगों की शिकायत पर विभाग तो काम करता नहीं, मकान गिराने की क्यों जल्दी थी। विज ने एसडीओ देवेंद्र कुमार मलिक और पटवारी-चौकीदार-जेई कर्मबीर को सस्पेंड करने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता को अफसरों पर हर्जाने का केस डालने को भी कहा था। 

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