पोटली में बांधकर खूंटियों पर टांगी अस्थियां, अब मुक्ति का इंतजार

Panipat News - सोनीपत के श्मशानघाट में 68 अस्थियां लॉकर में बंद अनिल बंसल/सोनीपत| सोनीपत के विभिन्न श्मशानघाट में करीब 68...

Apr 07, 2020, 08:31 AM IST

सोनीपत के श्मशानघाट में 68 अस्थियां लॉकर में बंद


अनिल बंसल/सोनीपत| सोनीपत के विभिन्न श्मशानघाट में करीब 68 अस्थियों को लॉकर में रखा है। लॉकडाउन के बाद उन्हें हरिद्वार व गढ़ गंगा आदि ले जाया जाएगा। सोनीपत के अधिकांश लोग मृतक की अस्थियां को प्रवाहित करने के लिए यूपी के गढ़ गंगा, सोनीपत के मीमारपुर घाट व हरिद्वार लेकर जाते हैं। तिरंगा चौक स्थित श्मशानघाट में 1 से 22 मार्च तक 33 लोगों का संस्कार किया गया, जबकि 23 मार्च से छह अप्रैल तक 20 लोगों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है।

यमुनानगर-अम्बाला... श्मशान घाट में जगह नहीं, अस्थियां रखने के लिए बने बॉक्स भी हुए फुल

यमुनानगर | लॉकडाउन के दौरान जिन लोगों का निधन हो गया, उनकी अस्थियां विसर्जन के लिए गंगा तट तक नहीं पहुंच पा रही हैं। यमुनानगर और अम्बाला के श्मशानघाट में तो अस्थियां रखने की जगह तक नहीं बची हैं, क्योंकि व्यक्ति की मौत के बाद अस्थियों को घर नहीं ले जा सकते। उन्हें विसर्जन से पहले श्मशान घाट या फिर बाहर किसी पेड़ पर लटकाया जाता है। ज्यादातर लोग अस्थियां हरिद्वार ले जाते हैं। लॉकडाउन के चलते सीमाएं सील हैं। परमीशन के बाद भी यूपी और उत्तराखंड पुलिस एंट्री नहीं दे रही।

यमुनानगर श्मशान घाट मंें अस्थियां रखने के लिए बनाए गए बॉक्स जगह नहीं होने से ताला लगाया गया ।

सिरसा | शिवपुरी में कमरे में खुटियाें पर टंगी पड़ी लाेगाें की अस्थियां।

अस्थियाें के मिल रहे टोकन नंबर : 13 दिन में सिरसा में 130 लोगों की जान गई। अब हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित करने नहीं जा सकते। शिवपुरी के मैनेजर चेतन शर्मा ने बताया कि अस्थियां रखने के लिए दो कमरे बने हुए हैं जो फुल हो चुके हैं। इसलिए कमरों में खुटियां लगाई गई हैं। टोकन नंबर जारी किया है।**

पंकज धींगड़ा/ सिरसा | लॉकडाउन खुलने का इंतजार आमजन ही नहीं, बल्कि अस्थियों को भी है, ताकि उन्हें गंगा-यमुना में प्रवाहित किया जा सके। लॉकडाउन के चलते अस्थियां विसर्जित करने के लिए लोग हरिद्वार नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि सीमाएं सील होने के चलते वापस लौटाया जा रहा है। वहीं लॉकडाउन के दौरान बाजारों में संस्कार करने के लिए मिलने वाले सामान में भी दिक्कत आ रही है। स्पष्ट है कि लॉकडाउन के दौरान लोग कम बीमार हो रहे हैं और कम ही मृत्यु के मामले सामने आ रहे हैं। हादसे कम हुए हैं। सामान्य बीमारियों के कारण भी मरने वालों की संख्या भी पहले के मुकाबले कम हो गई है।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना