पार्षदों ने बहिष्कार का फैसला लिया, निगम की बजट बैठक टली
पार्षदों के विरोध के कारण नगर निगम हाउस की शुक्रवार को होने वाली बैठक टाल दी गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पास करने के लिए हाउस की बैठक बुलाई गई थी। अधिकांश पार्षद, मेयर अवनीत कौर उनके पिता पूर्व मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह के विरोध में हैं। गुरुवार को कुछ पार्षदों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि वे शुक्रवार की बैठक में नहीं जाएंगे। इसमें कुछ सीनियर पार्षद भी थे। तीन-चार वे पार्षद ही बैठक में जाते, जो पूर्व मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह के नजदीकी हैं। इसे देखते हुए बैठक टालने का निर्णय लिया गया। इसके बाद रात 9:44 बजे कमिश्नर ओम प्रकाश के पीए कंवलजीत ने निगम पार्षदों के वाट्स एप ग्रुप पर मीटिंग रद होने का मैसेज भेज दिया। बताया गया है कि किसी कारण से बैठक रद की जा रही है। अगली सूचना दे दी जाएगी। बता दें कि पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह की कार्यशैली से पार्षद नाराज हैं। इसी को लेकर पिछले दिनों बड़ा विवाद हुआ था। संगठन नेताओं के कहने पर पार्षद तो पीछे हट गए थे, लेकिन पूर्व मेयर आक्रामक थे। पूर्व मेयर ने कई पार्षदों पर पलटवार भी किया था। इसलिए, मामला बिगड़ा हुआ है।
पिछले बजट का सिर्फ 50 फीसदी कलेक्शन, फिर भी बजट बढ़ाकर 139 करोड़ किया
निगम ने 2020-21 के लिए 139 करोड़, 35 लाख 10 हजार रुपए का बजट प्रस्तावित किया है। बड़ी बात यह है कि पिछले बजट का सिर्फ 50 फीसदी कलेक्शन ही हो पाया। फिर भी बजट बढ़ा दिया। वर्ष 2019-20 में 121 करोड़ का बजट बनाया था, जिसमें से सिर्फ 60 करोड़ रुपए ही जमा हो पाए।
खर्च भी नहीं निकाल रहा निगम
सिर्फ शहर की सफाई के लिए ही नगर निगम अपनी ओर से बजट दे पा रहा है। वर्ष 2019-20 के दौरान निगम ने सफाई पर 34.78 करोड़ रुपए खर्च किए। इसके अलावा अफसरों व कर्मचारियों की सैलरी व अन्य मदों में 38 करोड़ रुपए खर्च किए गए। निगम ने इस दौरान 60 करोड़ रुपए अर्जित किए, जबकि 73.49 करोड़ रुपए खर्च किए।
प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन में और गिरावट
प्रॉपर्टी टैक्स में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। कर्मचारी और अफसर मालामाल हो गए हैं, लेकिन नगर निगम कंगाल होता जा रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स में इस बार का कलेक्शन और कम हो गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 11.49 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ था। जो वर्ष 2019-20 में घटकर 7.25 करोड़ रुपए रह गया। नगर निगम की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल है, क्योंकि सरकार लगातार कह रही है कि निगम अपनी आमदनी बढ़ाए।
रात को जारी किया गया मैसेज।