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उजड़ कर आए परिवारों ने ईमानदारी से कार्य कर अपनी पहचान बनाई : गजेंद्र

एक वर्ष पहले
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अाॅल इंडिया लैय्या बिरादरी द्वारा लैय्या बिरादरी वार्षिक परिवार मिलन समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी ओम प्रकाश माटा व सुभाष सलूजा रहे।

संस्था के प्रधान गजेंद्र सलूजा ने कहा कि लैय्या बिरादरी के लगभग 12 हजार परिवार पानीपत में रहते हैं। उजड़ कर आए परिवारों ने कड़ी मेहनत व ईमानदारी से कार्य करते हुए शहर में अपनी पहचान बनाई। बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर एक मुकाम तक पहुंचाया। जिनमें आज कोई बच्चा राजनीति, डॉक्टर, सीए, वकील व कुशल व्यापारी है। 1950 में लैय्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना हुई। ब्रिज लाल ढींगरा ने आईबी कॉलेज की स्थापना की जो आज शहर के नामी कॉलेज में से एक है। रविवार काे राहुल नारंग, संजय बरेजा, विनय झांब, मीनाक्षी, अंजली, भोला, पूनम, कमल, दिव्या, आशिमा, डॉ. नमन, जगदीश, वेद, डॉ. दीपक, धीरज काे सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भजन गायक प्रमोद चोपड़ा ने मुल्तानी भाषा मे भजन व कमल नयन वर्मा ने मुल्तानी हास्य रस में कविता व चुटकले सुनाए। इस माैके पर अनिल नन्दवानी, डॉ. नरेश चुघ, बाबू भाई बरेजा, रमेश माटा, परमवीर ढींगरा, जगत राजपाल, महेंद्र बजाज, विजय रिहानी, सुरेश बवेजा, गोविंद झांब, लछमन बजाज, लक्ष्मी मिगलानी, हरीश, राजू पाहवा, युधिष्ठिर, नरेंद्र, नारायण, रमेश, जगदीश बरेजा माैजूद रहे।

पानीपत. अाॅल इंडिया लैय्या बिरादरी पानीपत द्वारा अायाेजित बिरादरी मिलन समाराेह में डाॅ. काे सम्मानित करते प्रधान गजेंद्र सलूजा।
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