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डॉक्टर ने बिना जांचे कहा- पुणे जाना पड़ेगा, फिर लैब भेजा, अटेंडेंट बोला-कोराेना छोड़ो रूटीन टेस्ट भी कल होंगे

एक वर्ष पहले
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अस्पताल में ओपीडी 3 बजे तक खुली रखने के आदेश हैं, यहां 2 बजे ही बंद कर दी गई

पूरे विश्व में डब्ल्यूएचअाे द्वारा काेराेनावायरस काे महामारी घाेषित करने के बाद हरियाणा पहला राज्य है, जिसने इसे महामारी घोषित किया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। शहर के सिविल अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दावे किए जा रहे हैं। मगर गुरुवार को भास्कर टीम ने इसकी पड़ताल की, तो हकीकत खोखली निकली। कोरोना के लिए आइसोलेशन वार्ड वाले सिविल अस्पताल में डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक को रिपोर्टर ने कोरोना के तीन-तीन लक्षण बताए, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। ओपीडी को सीनियर डॉक्टर बीएएमएस ट्रेनी डॉक्टरों के भरोसे छोड़कर खुद एनजीटी की ओर से गठित की गई माॅनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस प्रीतम पाल की मीटिंग में चले गए। वहीं विभाग के आदेश हैं कि ओपीडी दोपहर 3 बजे तक खुली रहे मगर सिविल अस्पताल में 2 बजे ही बंद कर दी गई। बिना मास्क लगाकर बैठे बीएएमएस ट्रेनी डॉक्टर से रिपोर्टर ने कहा कि कई दिन से तबीयत ठीक नहीं है। कोरोना जैसे लक्षण होने का शक है। डॉक्टर ने न तो कोई प्राथमिक जांच की और न ही कोई ट्रैवल हिस्ट्री पूछी। जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार यह करना जरूरी है। हां इतना जरूर किया कि पर्ची पर ब्लड टेस्ट सहित अन्य जांच लिख दी। बड़ी लापरवाही लैब में सामने आई। लैब अटेंडेंट ने कहा कि कोरोना की जांच तो छोड़िए, ये नार्मल टेस्ट भी आज नहीं होंगे कल आना।

महामारीका मतलब...

दुनिया के 110 देशों में 4300 से ज्यादा लोगों का शिकार कर चुके कोरोना वायरस (कोविड-19) को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी घोषित कर दिया है। महामारी उस बीमारी को कहते हैं जिससे एक ही समय में दुनिया में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं। किसी नए वायरस से फैलने वाली महामारी ज्यादा घातक होती है, क्योंकि ये आसानी से फैल सकती है। कोरोना वायरस में ये सभी लक्षण पाए गए हैं।

यह महत्वपूर्ण, क्योंकि इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड और 12 लोग लगाने का दावा

यह छोटी बात नहीं है कि सिविल अस्पताल के स्टाफ कोरोना को लेकर अलर्ट तक नहीं है, इलाज तो दूर की बात है। बात बड़ी है, क्योंकि आइसोलेशन वार्ड बनाने का दावा है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि कोरोना के लिए डॉक्टरों व स्टाफ के 12 सदस्य लगाए हैं। वहीं एमएस डाॅ. अालाेक जैन ने बताया कि 15 नंबर अाेपीडी में ट्रेनर हाेते हैं, ये बीएएमएस भी हाेते हैं अाैर एमबीबीएस भी। मनाेज के बारे में मुझे नहीं पता वाे काैन है।

ऐसेे मरीजों से भी यात्रा का इतिहास पूछने का नियम

खांसी-जुकाम कोरोना का प्राथमिक लक्षण है। हिदायत है कि इसके मरीज भी अगर अस्पताल जाते हैं तो उससे ट्रैवल हिस्ट्री पूछी जाती है। टोल प्लाजा पर इसी जांच-पड़ताल के बाद पता चला था कि 9 लोग विदेश से आए हैं। इसकी जांच की गई। यहां सिविल अस्पताल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है और न ही कोई प्रशिक्षण है।

डॉक्टर मीटिंग में थे, स्टूडेंट्स तो वैसे ही बैठ गए हाेंगे

Q. महामारी घाेषित हाे चुकी, अस्पताल में बंदोबस्त कैसे हैं?

A. डाॅक्टराें अाैर स्टाफ काे ट्रेनिंग दी है, बचाव सहित कई गाइडलाइन बताई गई हैं।

Q. 15 नंबर अाेपीडी में डाॅक्टर नहीं था, कुछ लड़के बैठकर जांच कर रहे हैं, वाे काैन हैं?

A. वाे काेई स्टूडेंटस वगैरह बैठे हाेंगे, डाॅक्टर मीटिंग में थे।

Q. हमने काेराेना के तीन लक्षणाें के बारे में बताया, उन्हें कुछ पता ही नहीं?

A. स्टूडेंट्स बैठे हैं, उन्हें पता ही नहीं हाेगा, वैसे ही बैठ गए हाेंगे।

Q. उन्हें क्याें बैठा रखा है, स्टाफ अलर्ट तक नहीं है?

A. देखते हैं काैन बैठा है, अलर्ट करेंगे।

दोपहर 1:54 बजे अस्पताल पहुंचा रिपोर्टर

दोपहर 1:54 बजे मुंह पर रुमाल बांधे, खांसते हुए सिविल अस्पताल के हेल्प डेस्क पर पहुंचे। जहां से पर्ची कटवाने के लिए पंजीकरण कार्यालय पर भेज दिया। वहां स्टाफ ने पूछा तो बताया कि सिर में दर्द है, सात दिन से खांसी हो रही है और सांस लेने में दिक्कत है। स्टाफ ने 5 रुपए की पर्ची काट दी और 15 नंबर कमरा में भेजा। कमरे के बाहर लाइन में खड़ा रहे। कुछ देर बाद डॉक्टर कमरे से बाहर निकल गए।

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डॉक्टर: क्या हुआ है

रिपोर्टर: डॉक्टर साहब, मुझे कुछ दिन से खांसी, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इतना पूछते ही डॉक्टर पर्ची पर दवा लिखने लगे।

रिपोर्टर: मुझे कोरोना का शक है।

डॉक्टर: अापको तो पुणे जाना पड़ेगा।

रिपोर्टर: यहां भी तो सैंपल लिए जाते हैं। इस पर डॉक्टर ने अपने सीनियर से बात की। सीनियर ने मेरी ओर देखा, लेकिन सीरियस होने के बजाय अपने काम में लग गए। इसके बाद डॉक्टर ने तीन जांच लिख दी।

रिपोर्टर: किस बीमारी की जांच है

डॉक्टर: यह जांच कराओ। कमरा नंबर 31 में जाओ।

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प्रोटोकॉल खांसी-जुकाम कोरोना का प्राथमिक लक्षण

सीधी बात: डाॅ. संतलाल, सीएमअाे

भास्कर रिपोर्टर ने मरीज बन बताए कोरोना के लक्षण

टोल पर पड़ताल जारी
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