पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इंडियन इंबाेजिंग चाइना मशीनों पर भारी, 25% ज्यादा कंबल उत्पादन

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

मेक इन इंडिया काे बढ़ावा देते हुए लुधियाना वालाें ने पानीपत कंबल उद्यमियाें के लिए इंडियन इंबाेजिंग मशीन तैयार की हैं। यह चाइनीज मशीनाें पर भारी पड़ रही हंै। चाइना से 25 प्रतिशत सस्ती पड़ने के साथ-साथ इसका उत्पादन भी 25 प्रतिशत ज्यादा है। इसकी निर्माता सिग्मा कंपनी के निदेशक सरदार दलविंदर सिंह का दावा है कि पानीपत कंबल उद्याेग के लिए हमारी मशीन मील का पत्थर साबित हाे रही है। यह प्रतिदिन 8 टन कंबल काे डिजाइन करेगी। अब तक यह मशीन चाइना के अलावा ताइवान व इटली से आयात करनी पड़ती थी। नई अनाज मंडी में शुक्रवार काे शुरू हुए हाेम टेक्स टेक एक्सपाे की 3 दिवसीय प्रदर्शनी में सिग्मा समेत देशभर की 45 कंपनियों ने स्टाॅल लगाकर अत्याधुनिक तकनीक वाली मशीनें प्रस्तुत की।

प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यातिथि मेयर अवनीत काैर ने किया। उद्यमी प्रीतम सिंह सचदेवा व भीम सिंह राणा विशेष अतिथि रहे। उन्हाेंने कहा कि अब समय बदल रहा है। हमारी स्वदेशी मशीनें विदेशी मशीनाें पर भारी पड़ रही हैं। बाहर से मशीनंे आयात कराने में कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ती थी। अायाेजक राजेश सिन्हा ने बताया कि राशेल मशीने, सर्कुलर, प्लेट व कारपेट निटिंग के अलावा एयर व वाटर जेट मशीनाें की प्रदर्शनी लगी है।

40 हजार से 8 लाख में शुरू कर सकते बाथमैट व डाेरमैट उद्याेग

लघु उद्याेग स्थापित करने चाह रखने वालाें काे अब बैंक लाेन व अन्य से उधार उठाने के लिए मजबूर नहीं हाेना पड़ेगा। 40 हजार से 8 लाख रुपए के बीच खर्च कर बाथमेट, डाेरमैट, कारपेट व पाैछा (माेफ) बनाने वाले उद्याेग स्थापित किए जा सकते हैं। जाटल राेड पर न्यू-टेक्स/सिराज के डायरेक्टर शमीम ने बताया कि उन्हाेेंने स्वदेशी मशीनाें काे बढ़ावा देने का प्रयास किया है। उनकी मशीनें स्थापित करके काेई भी अासानी से अपने लघु उद्याेग स्थापित कर सकते हैं।

पानीपत. नई अनाज मंडी में लगी प्रदर्शनी में इंडिय इंबाेजिंग मशीन देखते उद्यमी।
खबरें और भी हैं...