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सामाजिक उत्थान के साथ नैतिक व आध्यात्मिक विकास भी जरूरी : बीके जयंती

एक वर्ष पहले
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थिराना स्थित ज्ञान मानसरोवर में रविवार काे ब्रह्माकुमारीज द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ‘महिला सशक्तीकरण द्वारा सामाजिक परिवर्तन’ विषय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लंदन से ब्रह्माकुमारीज के यूरोपियन देशों में स्थित सेवा केंद्रों की डायरेक्टर राजयोगिनी बीके जयंती, सांसद संजय की प|ी अंजू भाटिया, ज्ञान मानसरोवर निदेशक बीके भारत भूषण, पानीपत सर्किल इंचार्ज बीके सरला, महेंद्र सिंघी, ऑस्ट्रेलिया से बीके चार्ली, श्रीलंका से बीके रमी पहुंचे। कार्यक्रम का उद‌्घाटन दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में 2 हजार से ज्यादा महिलाएं शामिल हुई।

महिलाओं को अपनी सोच सकारात्मक बनानी है

अंजू भाटिया ने कहा कि महिलाओं को अपनी सोच सकारात्मक बनानी है। उन्हें यह स्मृति सदा बनी रहे कि नारी तू महान है। समाज व देश को आगे बढ़ाना अपनी जिम्मेदारी समझना है। बीके भारत भूषण ने कहा कि महिलाओं में कभी यह हीन भावना ना आए की हम तो जॉब आदि नहीं करते, केवल घर के कार्यों मे ही लगे रहते। इसकी बजाय यह सोच बनाओ कि घर को संभालने की जिम्मेदारी भी सबसे बड़ी जॉब है। बीके सरला ने कहा कि अपने परिवार में प्यार व मधुरता से सबको सम्मान देते हुए चलो। चरित्र पर कभी दाग ना लगने दें। कुमारी आसी, टीसा, डेजी और परी ने नृत्य प्रस्तुत किया। इस माैके पर बीके सुनीता माैजूद रही।

नारी जागेगी तो जग जागेगा

बीके जयंती बहन ने कहा कि नारी जागेगी तो जग जागेगा। महिलाओं का सर्वांगीण विकास करना बहुत जरूरी है। उसमें भौतिक, मानसिक, सामाजिक उत्थान के साथ नैतिक व आध्यात्मिक विकास भी जरूरी है। आज भी विदेशों की अपेक्षा भारतीय संस्कृति सराहनीय है। भारत तो महान तीर्थ है जहां स्वयं भगवान अवतरित होते हैं। यहां पर शिव शक्तियों के रूप में आज तक भी देवियों की पूजा होती हैं।


थर्मल. ब्रह्माकुमारीज द्वारा ज्ञान मानसरोवर, थिराना में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अायाेजित कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित करते मुख्य अतििथ। दूसरी ओर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं।फोटो | भास्कर
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