जिन लाेगों की अंगुलियां लंबी होती हैं वे हर चीज विस्तार से जानने की इच्छा रखते हैं : प्राे. अरविंद
एसडी पीजी कॉलेज में कला और सामाजिक विज्ञान में आधुनिक शोध: परिदृश्य एवं भविष्य विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का रविवार काे समापन किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना अादि राज्याें से आए करीब 800 प्रतिभागियों ने अपने-अपने शाेध प्रस्तुत किए। इस माैके पर महिला दिवस पर महिलाओं की उपलब्धियों पर विचार व्यक्त किए गए।
रायपुर विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से अाईं डॉ. रजनी ने अपना पेपर योग और दर्शन विषय पर विचार व्यक्त किए। इसमें उन्होंने योग को परमात्मा से मिलने का रास्ता बताया। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. सचिन कुमार ने भारत और अफ्रीका के व्यापारिक संबंध विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। हिमालयन गढ़वाल, विश्वविद्यालय से अाईं डॉ. रितु ने अपना शोध पत्र पेश किया। राजकीय महाविद्यालय, पिथाैरागढ़ की डॉ. गीता पांडे ने कार्यस्थल पर महिलाओं के स्वास्थ्य में योग की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के प्रो. सतीश कुमार ने भारत में ई-गवर्नेंस का प्रभाव, अवसर और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उन्मुक्त विश्वविद्यालय इग्नू, जयपुर के प्रो. संतोष कुमार शर्मा ने राष्ट्रीय आन्दोलन में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की भूमिका से सबको अवगत कराया। डीएवी कॉलेज अमृतसर, पंजाब से आईं डॉ. दमनप्रीत कौर ने वित्तीय संस्थानों पर लिखा अपना शोध पत्र पढ़ा।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर, पंजाब की प्रो. अमनप्रीत कौर ने भारत में कठपुतली विधा पर अपना शाेध बताया। प्रो. अरविंद मलिक ने शारीरिक शिक्षा विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र ने अपना रोचक व्याख्यान गर्भ में शिशु की मनोविज्ञानिक एवं दैहिक प्रोग्रामिंग, मानव शरीर की अंगुलियाें और पैरों की बनावट विषय पर अपने शाेध के बारे में बताया। कहा कि अंगुलियाें का हमारे हाथ से बहुत गहरा संबंध है। इसके लिए उन्हाेंने 2डी और 4डी विधि का इस्तेमाल कर बताया कि जिनकी अंगुलियां लंबी होती है ऐसे लोगों में हर चीज विस्तार से जानने की इच्छा होती है। वे अपनी छोटी-छोटी बातों पर भी पूरा ध्यान देते हैं। छोटी अंगुलियाें वाले व्यक्तियों में जल्दबाजी एवं आवेशात्मक प्रवृत्ति देखने को मिलती है। प्रो. अरविन्द ने चलने और दौड़ने के लिए जूतों का हमारे पैरों की सेहत पर क्या असर होता है इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. संतोष कुमारी, डॉ. इंदू बाला, शशि मोहन गुप्ता, सतीश अरोड़ा, दीपक मित्तल अादि माैजूद रहे।
पानीपत. दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में सम्मानित करते प्रिंसिपल व अन्य।