क्राइम / अस्पताल कर्मियों के खिलाफ दी रिश्वत की शिकायत, खुद राजीनामे के नाम पर 3.5 लाख लेता गिरफ्तार

आरोपी बलजीत। आरोपी बलजीत।
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आरोपी बलजीत।आरोपी बलजीत।

  • गन्नौर सिविल अस्पताल में बेटी का सर्टिफिकेट बनवाने की लगाई थी फाइल

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 11:57 AM IST

सोनीपत (गन्नौर)। विजिलेंस टीम ने सोमवार को रिश्वत के मामले में फंसाने के नाम पर अस्पताल के दो कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर रहे आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसको गन्नौर में साढ़े तीन लाख रुपए लेते गन्नौर से पकड़ा गया। आरोपी विजलेंस में की गई शिकायत वापस लेने के लिए कर्मचारियों से सात लाख की मांग कर रहा था।

आरोपी समालखा क्षेत्र किवाना गांव के बलजीत के भाई अपने बहन की बेटी को गोंद लिया था। उसका नाम बदलवाने के लिए बलजीत ने सोनीपत के सिविल अस्पताल में जन्म-मृत्यु शाखा में फाइल जमा कराई थी। बलजीत ने कुछ माह पहले आरोप लगाया कि शाखा में तैनात क्लर्क ने सटिर्फिकेट बनाने के नाम पर रुपए की मांग की। जिसकी रिकॉर्डिंग उसके पास है। उसने रोहतक विजिलेंस को 31 अक्टूबर को इसकी लिखित शिकायत दी थी। 

आरोप है कि बलजीत ने मामले को रफा दफा करने की एवज में कर्मचारियों से रुपए मांगने शुरू कर दिए। पीड़ित कर्मचारियों ने विजिलेंस को इसकी शिकायत कर दी। इसके बाद स्टेट विजिलेंस टीम ने सोमवार को गन्नौर के लघु सचिवालय परिसर से बलजीत दो लाख रुपए कैश व डेढ़ लाख रुपए के चेक के साथ पकड़ लिया।

विजिलेंस इंस्पेक्टर अनू प्रिया ने बताया कि बलजीत सोनीपत में सिविल अस्पताल में जन्म मृत्यु शाखा इंचार्ज प्रदीप राणा व क्लर्क नरेश को ब्लैकमेल कर सेटलमेंट करने के नाम पर 7 लाख रुपए की डिमांड कर रहा था। साढ़े तीन लाख रुपए लेता हुआ गिरफ्तार कर लिया।

सोनीपत कोर्ट का टाइम दे गन्नौर बुलाया
शाखा इंचार्ज प्रदीप राणा के मुताबिक बलजीत ने उनसे सात लाख रुपए की डिमांड की थी। लेकिन धीरे-धीरे डिमांड साढ़े तीन लाख तक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि आरोपी बलजीत ने उसे फोन कर पहले सोनीपत कोर्ट में समय दिया। जब रुपए लेकर कोर्ट जाने की तैयारी करने लगा तो एकदम से फोन आया कि राजीनामा करना है तो आधे घंटे तक गन्नौर कोर्ट परिसर में आ जाना। वह रुपए लेकर गन्नौर कोर्ट में पहुंचा तो विजिलेंस टीम ने उसे रुपए के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया।

राजीनामा के तौर पर शपथ पत्र भी बनवाया था
विजिलेंस टीम के मुताबिक रुपए की बात हो जाने पर आरोपी बलजीत ने शपथ पत्र भी बनवा लिया था। इसमें लिखवाया कि उसने किसी के बहकावे में आकर शिकायत दी थी। लेकिन अब वह कोई कार्रवाई नहीं चाहता। हमारे बीच राजीनामा हो गया है। हालांकि आरोपी ने शपथ पत्र शिकायतकर्ता के हाथ में नहीं सौंपा था।

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