सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग काे गिराकर बनेगा 100 बेड का एमसीएच विंग, गर्भवती महिलाअाें के लिए हाेगी 10 से 15 टेबल

2 वर्ष पहले
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सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग काे गिराकर अब 100 बेड की प्रस्तावित मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग बनाया जाएगा। इस प्राेजेक्ट काे लेकर गुरुवार काे अस्पताल के बिल्डिंग इंचार्ज एवं डिप्टी एमएस डाॅ. अमित पाेरिया चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों से मिलने पहुंचे। उन्हाेंने इसकी रिपोर्ट में पेश की अाैर सुझाव दिए। जिसे अधिकारियाें ने अपनी सहमति भी जता दी है। इसका निर्माण शुरू कब हाेगा इसकी काेई डेट निर्धारित नहीं की गई हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दिसंबर 2018 में तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. डीएन बागड़ी को नक्शा भी दिखाया था।

बिल्डिंग है जर्जर
सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग काे 50 साल से ज्यादा हाे चुके है। बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हाे चुकी है। इसमें फिलहाल एनअारसी केंद्र अाैर इमरजेंसी अाॅपरेशन थियेटर चल रहा है। इन्हें भी जल्द ही शिफ्ट किया जा सकता हैं। पीडब्ल्यूडी इस बिल्डिंग काे कई बार कंडम भी घाेषित कर चुका है। प्रदेश में पानीपत के सिविल अस्पताल में सबसे ज्यादा डिलीवरी हाेती है, लेकिन जच्चा-बच्चा को 48 घंटे अस्पताल में रोकना मुश्किल साबित हो रहा है।

प्रदेश में सबसे ज्यादा डिलीवरी पानीपत जिले में
प्रदेश के जिलों के डिलीवरी रिकाॅर्ड के हिसाब से पानीपत जिले में सबसे ज्यादा डिलीवरी हाेती हैं। साल 2018 में सिविल अस्पताल में 9516 गर्भवती महिलाअाें की डिलीवरी हुई। वहीं जनवरी 2019 में 11 जून तक 4162 महिलाअाें की डिलीवरी कराई गई है। इसलिए सरकार इस प्राेजेक्ट काे सबसे पहले जिले में ही पूरा करना चाहती है। नए एमसीएच विंग में गर्भवती महिलाअाें की डिलीवरी के लिए 10 से 15 टेबल का प्रस्ताव रखा गया है, जाेकि फिलहाल 6 टेबल हैं। इसके साथ-साथ हिसार, पंचकूला में भी एमसीएच विंग बनाने का कार्य चल रहा है।

एसएनसीयू वार्ड भी हाेगा
नवजात बच्चाें के लिए एसएनसीयू वार्ड भी इसी में बनेगा। अभी हाल ही में इस बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में एसएनसीयू वार्ड काे शिफ्ट किया गया है। वार्ड में अाैसतन 20 नवजात एडमिट रहते हैं। वार्ड में 14 वार्मर हैं। जनवरी 2019 से 15 जून तक 90 बच्चाें काे रेफर किया गया। अाैर सिर्फ 6 बच्चाें की माैत हुई है। पिछले 2 साल के मुकाबले ये रिकाॅर्ड सुधरा है।

‌Rs.20 करोड़ की मिल चुकी मंजूरी
स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की डिमांड पर सरकार ने फरवरी 2018 में बजट सत्र के दौरान 100 बेड की एमसीएच विंग निर्माण को मंजूरी दी थी। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने गत 30 अक्टूबर 2018 को एमसीएच विंग के लिए 20 करोड़ रुपए की मंजूरी दी थी। पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर ही नई बनाई जानी है।

काेख में बच्चाें काे रखा जाएगा बीमारियाें से दूर
हरियाणा के डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डाॅ. प्रवीन सेठी ने कहा कि पहली बार तीन मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर बनाने का फैसला किया गया है। काेख में पलने वाले बच्चे काे बीमारियाें से बचाया जा सके। डाॅ. प्रवीन ने कहा कि हरियाणा में कुछ महीनाें पहले ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पाेर्टल लाॅच किया गया था, ताकि हाई रिस्क गर्भवती महिलाअाें का बच्चे के जन्म के बाद 42 दिनाें तक डाॅक्टर की नजर में रख जा सके।

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