जिस कमरे में डॉक्टर ने भेजा वो खाली मिला
समय करीब 2 बजकर 8 मिनट का था, जहां 31 नंबर कमरे में काेई नहीं मिला ताे एक स्टाफ ने 208 में भेजा। वहां एक स्टाफ मिला। मैंने पूछा कि इस पर्ची में ये टेस्ट किस बीमारी के लिखे हैं, मुझे तो कोरोना का शक है। इस पर युवक ने दूसरे सीनियर से बात करने को कहा। दूसरे सेे पूछा तो उन्होंने कमरा नंबर 215 में डॉक्टर के पास भेज दिया। जहां पहुंचा तो कमरा बाहर से बंद था। यह बताने के लिए लैब इंचार्ज के पास फिर से पहुंचा तो उन्होंने कहा- कोरोना के बारे में डॉक्टर बताएंगे, ये जो टेस्ट लिखे हैं वह भी कल होंगे। तब तक दोपहर के 2 बजकर 24 मिनट हो चुके थे।