काेराेनावायरस की जांच के लिए पहुंचा युवक सामान्य मिला, जिले में कोई केस नहीं
{हेल्पलाइन नंबर 108, 01802645454 पर संपर्क करें
काेराेना वायरस की जांच के लिए एक युवक बुधवार काे सिविल अस्पताल में पहुंचा। युवक काे लगातार कई दिनाें से खांसी व बुखार था। लेकिन जांच में उसकी खांसी व बुखार के लक्षण काेराेना वायरस जैसे नहीं मिले। यानी युवक न ताे संदिग्ध मिला अाैर न ही उसका काेई सैंपल लिया गया।
सामान्य अाेपीडी के फिजिशियन डाॅ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि युवक काे सामान्य बुखार अाैर खांसी थी। युवक कही विदेश की यात्रा से भी नहीं अाया था। बता दें कि चीन अाैर दुनिया के कई देशाें के बाद भारत में भी कोरोना वायरस की दस्तक से लाेगाें के मन में कई तरह की आशंकाएं जन्म लेने लगी हैं। लाेगाें के मन में डर दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हिदायतें जारी कर कहा है कि जिले में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। एेसे में लाेग सतर्क रहें पर घबराएं नहीं। कोरोना वायरस का असर किसी पर तब तक नहीं होगा जब तक अाप किसी पीड़ित के सीधे संपर्क में नहीं आते।
प्रभावित देशों से लौटकर आने वाले पर खास नजर
सिविल सर्जन डाॅ. संतलाल वर्मा अाैर डिप्टी सीएमअाे एवं नाेडल अधिकारी डाॅ. शशि गर्ग ने बताया कि जिला में कोरोना वायरस से बचाव के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। रैपिड रिस्पोंस टीम गठित की गई है। 5 निजी अस्पतालाें में वेंटीलेटर सहित प्रबंध किए गए हैं।
विभाग की तैयारी : {रैपिड रिसपांस टीम गठित की गई है। {सरकारी अस्पताल व समालखा सरकारी अस्पताल में विशेष वार्ड गठित किए गए हैं, {5 निजी अस्पतालाें में वेंटीलेटर की व्यवस्था भी की गई है {टाेल प्लाजा पर बाहर से अा रहे यात्रियाें पर नजर रखने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
घरेलू नुस्खे में समय न गंवाए : स्वास्थ्य विभाग टेस्ट की पुष्टि के लिए किसी भी प्राइवेट लैब को मान्यता नहीं है। जांच दिल्ली या पुणे की लैब में हाे रही हैं। नीम-हकीम के चक्कर में घरेलू नुस्खों से बचें। हेल्पलाइन नंबर 108, 01802645454 या सिविल सर्जन दफ्तर में संपर्क करें।
में भी कोरोना वायरस की दस्तक से लाेगाें के मन में कई तरह की आशंकाएं जन्म लेने लगी हैं। लाेगाें के मन में डर दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हिदायतें जारी कर कहा है कि जिले में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। एेसे में लाेग सतर्क रहें पर घबराएं नहीं। कोरोना वायरस का असर किसी पर तब तक नहीं होगा जब तक अाप किसी पीड़ित के सीधे संपर्क में नहीं आते।