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पानीपत। हनीट्रैप मामले में आरोपी महिला एएसआई योगेश कुमार ने रविवार रात को सरेंडर कर दिया। पुलिस उसे अब कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। वहीं इससे पहले इस मामले में मुख्य आरोपी महिला को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआई फरार थी।
कारोबारी का वीडियो बनाकर मांगे थे पैसे
पुलिस एसआई ने बताया था कि 40 वर्षीय महिला चांदनी बाग थाना क्षेत्र में रहती है। 6 माह से वह चांदनी बाग थाने की एसआई योगेश कुमारी को जानती थी। दोनों ने रुपये कमाने के लालच में बड़े मुर्गे को फंसाने की साजिश रची। इसीलिए महिला ने पहले पड़ोसी रकम सिंह से दोस्ती की। फिर पैसों की जरूरत बता किसी से मदद कराने की बात कही।
रकम सिंह अपने जानकार कारोबारी लोकेश जैन व उसके ड्राइवर सुनील के साथ महिला के घर पहुंच गए। तभी एसआई घर के बाहर आई और महिला को फोन लगाया, तब महिला ने कहा कि अभी कुछ नहीं हुआ। फिर एसआई वहां से चली गई। बाद में तीनों ने शराब पी। तीनों वहीं पांच घंटे रहे। इसके बाद एसआई पहुंच गई और धमकाकर उसने 50 लाख रुपये मांगे। डर के मारे कारोबारी ने 25 हजार रुपये दे दिए, जो एसआई ने रख लिए। बाकी के पैसे बाद में देने की बात तय हुई।
15 और 50 लाख में फंसा पेंच ...फिर बिगड़ी बात
एक दिन बाद कारोबारी और उसके साथी महिला और एसआई को 5 लाख रुपये देने को तैयार थे। एसआई 15 से 10 लाख पर आ गई, जबकि महिला 50 लाख रुपये पर अड़ी रही। जब दो दिन तक रुपये नहीं मिले तो महिला को लगा कि आरोपियों से सांठगांठ कर एसआई ने रुपये ऐंठ लिए। तब उसने तीनों के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज करा दिया।
कारोबारी ने की एसपी से शिकायत
अगले दिन कारोबारी लोकेश जैन ने एसपी को शिकायत दी। तब महिला को लगा कि उसे एसआई रुपये लेते हुए पकड़वा देगी। तब उसने एसआई के खिलाफ साजिश में शामिल की शिकायत एसपी को दे दी। साथ में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और एसआई से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी। डीएसपी पूजा डाबला के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई। जांच में फुटेज और रिकॉर्डिंग से महिला और एसआई की साजिश बेनकाब हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को पूछताछ के लिए थाने में बुलाकर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एसआई योगेश फरार हो गई।
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