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चंडीगढ़। आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक ने राज्य सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के साथ दक्षिणी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के करोड़ों रुपए इस बैंक में फंस गए हैं। कर्मचारियों का जीपीएफ भी इसी बैंक में जमा होने से उनके माथे पर भी शिकन आ गई है। बताया गया है कि सरकार का करीब ढाई हजार करोड़ रुपए इस बैंक में फंस गए हैं। इनमें करीब एक हजार करोड़ हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के बताए जा रहे हैं। जबकि दक्षिणी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने भी यहां करोड़ों रुपए की एफडी कराई हुई है।
बताया गया है कि इस मामले को लेकर अधिकारियों की ओर से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। इधर बिजली निगम एक अधिकारी ने बताया कि बैंक में लेन-देन पर रोक लगा दी है। इसमें बिलों के भुगतान आदि भी शामिल है। कस्टमयर केयर से भी उपभोक्ताओं को यस बैंक में बिल भुगतान न करने की सूचना दी जा रही है। इस मामले को लेकर एक दिन पहले ही कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने भी सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि एक हजार करोड़ बिजली निगम के फंस गए। ऐसे ही अन्य विभागों के भी फंसे हैं। सरकार यह बताए कि प्राइवेट बैंक में पैसा क्यों जमा कराया। हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा का कहना है कि निगमों का काफी पैसा यस बैंक में है। कर्मचारियों का जीपीएफ भी यहीं जमा होता है। इसलिए सरकार को तुरंत कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। लांबा ने कहा कि जल्द ही इस मामले में अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला का कहना है कि अभी इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैं इस मामले को सोमवार को देखूंगा कि पैसा है या नहीं और है तो कितना है।
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