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भास्कर इंटरव्यू / टिकट वितरण, बगावत और पूर्व पार्टी अध्यक्ष तंवर के इस्तीफे के बाद पूर्व सीएम से बेबाक सवाल



भूपेंद्रसिंह हुड्‌डा। भूपेंद्रसिंह हुड्‌डा।
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भूपेंद्रसिंह हुड्‌डा।भूपेंद्रसिंह हुड्‌डा।

  • सवाल: आपको सीएलपी लीडर बनाने का फैसला सही समय पर हुआ या आपके अनुसार उसमें देरी हुई ?
  • हुड्‌डा: कोई भी फैसला संगठन करता है, मेरा मानना है कि लोकसभा चुनाव से थोड़ा पहले यह फैसला होता तो पार्टी को ज्यादा फायदा मिलता

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 05:13 AM IST

भाजपा के 75 प्लस के आक्रामक कैंपेन के सामने कांग्रेस की स्थिति क्या है, किन मुद्दों को लेकर वह जनता के सामने गई है। टिकट वितरण को लेकर लग रहे आरोप और बगावत के बाद पार्टी जीत के प्रति कितनी आश्वस्त है, इन्हीं सब मुद्दों पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्‌डा का क्या दृष्टिकोण है। पढ़िए भास्कर की स्पेशल इंटरव्यू सीरीज में – 
 

Q किस आधार पर पार्टी में टिकट बंटे। कुछ तो देखा गया होगा? आपकी पार्टी में चर्चा है कि 51 टिकट आपके अनुसार मिली?
 A टिकट वितरण किसी एक का फैसला नहीं होता। पार्टी संगठन तय करता है। 


Q आपके ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि 5 करोड़ में टिकट बिकीं?
A आरोप लगाने वाले लगाते रहते हैं। इनका कोई आधार नहीं होता। इसका पूरा प्रोसेस होता है। पहले प्रदेश मेें पैनल बनता है, फिर स्क्रीनिंग कमेटी देखती है, फिर सेंट्रल इलेक्शन कमेटी देखती है। अगर मेरा नाम लेकर किसी ने आरोप लगाया है तो बताइए, मैं उस पर मुकद्दमा करूंगा। 

 

Q आपका गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल के साथ एक वीडियो सामने आया। वह 18 वाली क्या बात थी। क्या 18 सीटों को आप जीता मान रहे थे या वह टिकट वितरण की बात थी?
A हम टिकटों की बात कर रहे थे, सीटों की बात नहीं कर रहे थे। सीट से कोई लेना-देना नहीं था।

 

Q टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में बगावत हो गई।
A हमारे यहां इतनी बगावत नहीं है, जितनी अन्य दलों  में। 

 

Q संपत सिंह जैसे अनुभवी नेता को टिकट नहीं मिली। नाराज होकर पार्टी छोड़ गए। वे कह रहे हैं आपने उनकी पैरवी नहीं की।
A मैंने उनका समर्थन किया था। यह पार्टी का फैसला है। टिकट का फैसला मेरा नहीं पार्टी का था।

 

Q आपने किसी को मनाया भी नहीं?
A बहुतों काे मनाया है। हमारे सबसे ज्यादा माने हैं।

 

Q अशोक तंवर को प्रदेशाध्यक्ष से क्यांे बदला गया?
A सबकी टर्म होती है। मुझे भी बदला गया था। फूलचंद मुलाना को भी बदला गया था। यह कोई खास बात नहीं होती।

 

Q आपने रोहतक में कहा था कि पहले वाली कांग्रेस नहीं है। कांग्रेस छाेड़ने की तैयारी कर ली थी।
A कांग्रेस छोड़ने वाली बात मेरे मन में नहीं है। मेरा व्यू था गांधी वाली कांग्रेस अब नहीं रही।

 

Q 5 महीने पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हारी थी। अब ऐसा क्या हो गया, जो कांग्रेस सरकार बना लेगी?
A लोकसभा में मुद्दे दूसरे थे। 2014 में भाजपा ने 24 घंटे बिजली देने, कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतन देने जैसे वादे किए थे। अब लोग हिसाब लेंगे।

 

Q 10 साल आप रहे। भाजपा कह रही है कि आपने भ्रष्टाचार बढ़ाया। इलाकावाद बढ़ाया। तबादलों के लिए रोहतक में हाजिरी देनी पड़ती थी?
A दोष लगाना आसान है। अब करनाल में लगती है। ओएसडी तक पर आरोप लगे हैं। रही बात इलाकावाद की, मैंने तो हर जिले का विकास किया। यूनिवर्सिटी दी, मेडिकल कॉलेज दिए।

 

Q आप पर भी तो केस हैं?
A रोज कहते हैं मैंने रॉबर्ट वाड्रा को सस्ती जमीन अलॉट कर दी। मैं कहता हूं मैंने 1 इंच सरकारी जमीन अलॉट नहीं की। न ही मैंने एक भी काम बदले की भावना से किया। चौटाला भी जेल गए तो वह मामला उनकी ही सरकार में सामने आया था।

 

Q भाजपा शासन के दौरान के मुद्दे आपकी पार्टी सही समय पर नहीं उठा पाई?
A संगठन में जब जिला कमेटी न हो तो कमी रहती है। अब हमें रिस्पांस ठीक मिल रहा है। 

 

Q किन मुद्दांे को लेकर आप जनता के बीच जा रहे हैं। पार्टी तो बिखरी लगती है। 
 A भाजपा 154 वादों के साथ सत्ता में आई। उनको पूरा नहीं किया। इनको जनता के सामने रख रहे हैं।

 

Q तंवर ने पार्टी छोड़ दी। इससे कांग्रेस को नुकसान नहीं होगा ? उनका इस्तीफा अभी मंजूर भी नहीं हुआ।
A पार्टी व्यक्ति से बड़ी होती है। मुझे उनके इस्तीफे की बात अखबार से पता चली। इस्तीफा पार्टी संगठन को स्वीकार करना है।

 

Q आप कह रहे हैं, हम एक होकर सरकार बनाएंगे। आपके सभी नेता अपने-अपने इलाके में चौधर लाने की बात कह रहे हैं।
A चाहे कोई पार्टी हो, ऐसा होता है। जब बीजेपी सत्ता में आई तब मनोहरलाल सीएम कैंडीडेट नहीं थे। रामबिलास शर्मा का नाम भी सीएम को लेकर चला था। 2005 में भी कांग्रेस ने सीएम कैंडीडेट घोषित नहीं किया था। पहला लक्ष्य सरकार बनाना होता है।

 

Q रोहतक में आप चौधरी देवीलाल से जीत गए थे, लेकिन अब आपके बेटे दीपेंद्र ही वहां से हार गए? दीपेंद्र ने चुनाव नहीं लड़ा। अब किस रूप में सक्रिय रहेंगे?
A प्रजातंत्र है। ईवीएम से हम जीत गए थे, बैलेट पेपर से हारे हैं। उनमें योग्यता है। वे वर्किंग कमेटी के मेंबर हैं। हार-जीत चलती रहती है। संगठन में काम करेंगे।

 

Q भाजपा ने कुछ तो अच्छे काम आपकी नजर में किए होंगे, तभी तो लोग उन्हें इतना समर्थन दे रहे हैं। सीएम कहते हैं, समान विकास किया है।
A क्या अच्छे काम किए हैं। इनका इवेंट मैनेजमेंट अच्छा है। कोई बड़ा काम बताएं। हमारे समय की दाल-रोटी स्कीम भी बंद कर दी।

 

Q 370 का कॉल उन्होंने लिया? इसका असर रहेगा।
A 370 का समर्थन मैंने भी किया था। अब वह कानून बन गया है। इसलिए मुद्दा नहीं है।

 

Q सीएम की ईमानदारी पर तो किसी भी विपक्षी को शक नहीं है, न ही आम जनता को।
A मैं व्यक्तिगत बात नहीं करता, लेकिन जो घोटाले हुए हैं, उनकी सीबीअाई जांच क्यों नहीं कराते।

 

Q क्या आरक्षण आंदोलन के बाद खाई बन गई?
A कोई खाई नहीं बनी। जिन्होंने बनाने की कोशिश की, वे सफल नहीं हुए।

 

Q सीएम का कहना है कि उनको सत्ता से हटाने की साजिश रची गई थी।
A उनकी पार्टी के लोग होंगे साजिश रचने वाले। हमारे तो 15 विधायक थे। हम कैसे सत्ता में आ जाते।

 

Q वे कहते हैं टेप पकड़े गए हैं।
A प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट पढ़ लें। सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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