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बच्चे को इंजेक्शन से हुआ इंफेक्शन परिवार ने हाथ कटवाने से किया मना

Panipat News - 10 माह के बच्चे का हाथ कटवाने से परिवार ने मना कर दिया। करीब 5 बजे प्रेम अस्पताल से बच्चे को दिल्ली स्थित गंगाराम...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 03:21 AM IST
Panipat News - infections caused by the injection of the child by the family
10 माह के बच्चे का हाथ कटवाने से परिवार ने मना कर दिया। करीब 5 बजे प्रेम अस्पताल से बच्चे को दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में रेफर कर दिया है, परिवार के सदस्य रेफर होते ही हैदराबादी अस्पताल में पहुंचे, क्योंकि अस्पताल की ओर से परिवार को अभी तक लिखित में नहीं दिया गया है कि बच्चे के इलाज में खर्च का पैसा अस्पताल देगा। मौके पर विधायक रविंद्र मच्छरौली भी पहुंचे। हैदराबादी अस्पताल ने एंबुलेंस के साथ अपने अस्पताल से डॉक्टर भेजी है।

शुक्रवार को परिजनों ने आरोप लगाया था कि बच्चे को डॉक्टर की बजाए कंपाउडर ने इंजेक्शन लगाया है और समय रहते डॉक्टरों ने इलाज करने की बजाए बच्चे के हाथ पर पट्टी बांधकर छुट्टी कर दी। इंजेक्शन लगाए जाने के बाद हाथ में इंफेक्शन फैल गया था। परिजनों ने हंगामा किया तो हैदराबादी अस्पताल की मैनेजमेंट ने बच्चे के इलाज पर होने वाला खर्च उठाने की बात कही और उसे शुक्रवार दोपहर प्रेम अस्पताल पानीपत में रेफर कर दिया था। प्रेम अस्पताल में रातभर बच्चे की दवा चलाई गई, लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर हाथ काटने की बात कही। परिवार ने बच्चे का हाथ कटवाने से मना कर दिया। इसके बाद बच्चे को शनिवार शाम करीब 5 बजे दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में रेफर कर दिया है।


पानीपत. 10 माह के बच्चे का काला पड़ा हाथ।

भास्कर न्यूज | पानीपत

10 माह के बच्चे का हाथ कटवाने से परिवार ने मना कर दिया। करीब 5 बजे प्रेम अस्पताल से बच्चे को दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में रेफर कर दिया है, परिवार के सदस्य रेफर होते ही हैदराबादी अस्पताल में पहुंचे, क्योंकि अस्पताल की ओर से परिवार को अभी तक लिखित में नहीं दिया गया है कि बच्चे के इलाज में खर्च का पैसा अस्पताल देगा। मौके पर विधायक रविंद्र मच्छरौली भी पहुंचे। हैदराबादी अस्पताल ने एंबुलेंस के साथ अपने अस्पताल से डॉक्टर भेजी है।

शुक्रवार को परिजनों ने आरोप लगाया था कि बच्चे को डॉक्टर की बजाए कंपाउडर ने इंजेक्शन लगाया है और समय रहते डॉक्टरों ने इलाज करने की बजाए बच्चे के हाथ पर पट्टी बांधकर छुट्टी कर दी। इंजेक्शन लगाए जाने के बाद हाथ में इंफेक्शन फैल गया था। परिजनों ने हंगामा किया तो हैदराबादी अस्पताल की मैनेजमेंट ने बच्चे के इलाज पर होने वाला खर्च उठाने की बात कही और उसे शुक्रवार दोपहर प्रेम अस्पताल पानीपत में रेफर कर दिया था। प्रेम अस्पताल में रातभर बच्चे की दवा चलाई गई, लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर हाथ काटने की बात कही। परिवार ने बच्चे का हाथ कटवाने से मना कर दिया। इसके बाद बच्चे को शनिवार शाम करीब 5 बजे दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में रेफर कर दिया है।

अस्पताल ने डॉ. नैंसी को भेजा साथ

हैदराबादी अस्पताल मैनेजमेंट के मैनेजर अशोक कुमार ने बताया कि दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में फोन कर बात की गई है। एडमिट कराने में मदद करने के लिए डॉ. नैंसी को भेजा गया है, जो वहां बच्चे को एडमिट कराएगा और रिपोर्ट भी देगा। अस्पताल ने इलाज का पूरा खर्च उठाने का भी आश्वासन दिया है। एंबुलेंस भी अस्पताल की मैनेजमेंट ने कराई है।

एक एंबुलेंस खराब तो दूसरी बुलाई

परिजनों ने बताया कि प्रेम अस्पताल से बच्चे को करीब 5 बजे रेफर कर दिया गया था। पहले तो हैदराबादी अस्पताल वाले डॉक्टरों से बात की और फिर दिल्ली अस्पताल में। एक एंबुलेंस जो आई वो खराब हो गई, इसके बाद दूसरी एंबुलेंस बुलाई, तब बच्चे को रेफर किया गया। इस प्रक्रिया में दो घंटे लग गए।

हमारा इकलौता बच्चा

पसीना खुर्द निवासी सोनू ने बताया कि ये हमारा इकलौता बच्चा है। 10 माह पहले प|ी की डिलीवरी सिविल अस्पताल में हुई थी। उस समय बच्चा एकदम स्वस्थ था। 29 नवंबर को बच्चे को बुखार होने पर हैदराबादी अस्पताल में एडमिट कराया था।

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