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हनीट्रैप / 2 व्यापारियों पर रेप केस दर्ज करवाने की धमकी देकर ऐंठ लिए 20 लाख, दोबारा 13 लाख लेने आए तो पकड़े गए



पुलिस द्वारा पकड़े गए पैसे और बंदूक। पुलिस द्वारा पकड़े गए पैसे और बंदूक।
पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी। पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी।
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पुलिस द्वारा पकड़े गए पैसे और बंदूक।पुलिस द्वारा पकड़े गए पैसे और बंदूक।
पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी।पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी।

  • करनाल में सामने आया हनीट्रैप का मामला, महिला ने दो व्यापारियों से बनाए शारीरिक संबंध, बाद में ऐंठ लिए पैसे
     

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 07:45 PM IST

करनाल। करनाल पुलिस ने शुक्रवार को हनीट्रैप का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को पेश किया। दोनों आरोपी एक महिला के साथ मिलकर दो व्यापारियों पर रेप का मामला दर्ज करवाने की धमकी देकर 1 करोड़ रुपए की डिमांड कर रहे थे। वे 20 लाख रुपए लेकर भी जा चुके थे लेकिन गुरुवार को 13 लाख की दूसरी किस्त लेने आए तो पुलिस ने उन्हें पैसों सहित गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया है। 

मोटी रकम के लालच में दोबारा पैसे लेने आए तो पकड़े गए

  1. सिविल लाइन करनाल के थाना निरीक्षक मोहन लाल को करनाल के दो व्यापारियों ने शिकायत दी थी कि कुछ व्यक्ति एक महिला के साथ मिलकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। उन्हें धमकी दे रहे हैं कि यदि उसने 1 करोड़ रुपए नहीं दिए तो वे रेप का मामला दर्ज करवा देंगे। 
     

  2. घबराकर व्यापारियों ने उन्हें पैसे देने के लिए हां कर दी और 20 लाख रुपए में मामला निपटाने की बात हो गई। व्यापारियों ने बताया कि दिनांक 28.11.18 को वे लोग अपनी महिला साथी गीता वासी हिसार के साथ आए और व्यापारियों से 20 लाख रुपए ले गए। इस पर भी महिला व उसके साथियों की संतुष्टि नहीं हुई और उन्होंने फिर से व्यापारियों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। 
     

  3. इससे तंग आकर व्यापारियों ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। उप-निरीक्षक राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया और व्यापारियों ने आरोपियों को 13 लाख रुपए लेने के लिए करनाल बुला लिया। मोटी रकम लेने के चक्कर में वे लोग दौड़े चले आए। 
     

  4. 6 दिसंबर को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल में व्यापारियों से 13 लाख रुपए लेकर निकलते समय राजेन्द्र सिंह व उनकी टीम द्वारा आरोपी सत्यवान पुत्र रणपत वासी राजथल और मनोज पुत्र पृथ्वी सिंह वासी राजथल जिला हिसार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से पीड़ितों से लिए गए 13 लाख रुपए व एक बंदूक और 12 गोलियां बरामद की हैं। 
     

ऐसे शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल

  1. पुलिस निरीक्षक मोहन लाल ने बताया कि आरोपी सत्यवान ने साल 2005 से साल 2010 तक करनाल के एक व्यापारी के पास ड्राइवर की नौकरी की थी। जिस दौरान उसे व्यापारी के कारोबार व उसकी संपति के बारे में काफी कुछ जानकारी हो गई थी। 
     

  2. साल 2010 में उसने अपनी गाड़ी खरीद ली व इस हिसार में टैक्सी के रूप में चलाने लगा, इसी दौरान उसकी मुलाकात हिसार की रहने वाली एक महिला गीता से हुई। गीता उसकी टैक्सी किराये पर लेकर कई बार इधर-उधर जाती थी, इसी दौराने उसे गीता के बारे में पता चला कि वह अच्छे चरित्र की महिला नहीं है, तो उसने गीता को कहा कि क्यों न एक बड़ा मुर्गा फंसा लें और गीता इसके लिए तैयार हो गई। 
     

  3. इसके बाद उसने गीता को करनाल के व्यापारी का नंबर दे दिया और गीता ने फोन के माध्यम से व्यापारी को अपने प्रेम जाल में फांस लिया। व्यापारी ने गीता को मिलने के लिए दिल्ली के होटल में बुलाया, तो वह सत्यवान की टैक्सी में चली आई, इधर से व्यापारी भी अपने एक अन्य साथी व्यापारी के साथ वहां पहुंच गया। जहां पर उन्होंने गीता की मर्जी के साथ उसके साथ संबंध बनाए और अगली सुबह करनाल वापिस चले आए। 
     

  4. उन्होंने बताया कि उसके बाद से ही सत्यवान व्यापारियों को लगातार फोन करने लगा और कहने लगा कि उनके बारे में गीता के घर वालों को पता चल गया है। अब उसके घर वाले उन्हें नहीं छोड़ेंगे और उनके खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवाएंगे। जिससे व्यापारी घबरा गए और उसे मानने के लिए कहने लगे, जिसके लिए उन्होंने व्यापारियों से एक करोड़ रूपये की मांग की। 
     

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