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बीमार पशुओं के उपचार के लिए चलाई जाएगी पशु संजीवनी सेवा के नाम से मोबाइल डिस्पेंसरी: सीएम

एक वर्ष पहले
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राज्यस्तरीय पशुधन मेले में ऊंट पर बैठ पशुपालकों का हाथ हिलाकर अभिनंदन स्वीकार करते सीएम मनोहर लाल। - Dainik Bhaskar
राज्यस्तरीय पशुधन मेले में ऊंट पर बैठ पशुपालकों का हाथ हिलाकर अभिनंदन स्वीकार करते सीएम मनोहर लाल।
  • एनडीआरआई में पशुपालन विभाग की ओर से लगाए गए तीन दिवसीय मेले का दूसरा दिन
  • कहा- दूध उत्पादन में प्रदेश दूसरे नंबर पर है, इसे पहले नंबर पर लाया जाएगा

करनाल. सीएम मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में बीमार पशुओं के उपचार के लिए पशुपालकों के घर-द्वार पर ही इलाज के लिए पशु संजीवनी सेवा के नाम से मोबाइल डिस्पेंसरी शुरू की जाएगी। प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता की 1087 ग्राम की मात्रा को बढ़ाकर देश में पहला स्थान हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब पंजाब 1115 ग्राम दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता से पहले नंबर पर है। मुख्यमंत्री शनिवार को एनडीआरआई के मैदान में आयोजित 37वीं पशु प्रदर्शनी के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि पशुपालकों को संबोधित कर रहे थे।

सीएम ने की ऊंट की सवारी
सीएम ने ऊंट की सवारी करके मेले में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पशुपालकों से मिलकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। सीएम ने कहा कि ब्राजील जैसा देश हमारी ही गायों की नस्लों में सुधार करके 70 से 80 किलो प्रतिदिन दूध प्राप्त कर रहे हैं, परंतु हम क्यों नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन के क्षेत्र में फिलहाल हरियाणा इस दिशा में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है, जहां प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 1115 ग्राम है और हमें प्रयास करने होंगे कि हम पहले नंबर पर आएं।

आमदनी बढ़ाने के लिए लगेंगे संयंत्र
दूध उत्पादन से आमदनी बढ़ाने के लिए प्रदेश में नए-नए संयंत्र लगाए जाएंगे। इनमें दूध को कई दिनों तक संरक्षित रखने के लिए टैट्रा पैक का प्रोजेक्ट होगा। कोई भी व्यक्ति जरूरत पड़ने पर पैकिंग में उपलब्ध दूध को खरीद सकेगा। इसी प्रकार दूध को ठंडा रखने के लिए बड़े-बड़े मिल्क कूलर लगाए जाएंगे। हिसार में इंडो-इजराइल सहयोग से एक अन्य संयंत्र लगाया जाएगा।  पशुओं की अलग-अलग 53 श्रेणियां बनाकर उनकी उत्कृष्टता का मुकाबला करवाया गया है। मुकाबले में श्रेष्ठ रहे पशुओं के मालिकों को 36 लाख रुपए के पारितोषिक वितरित किए जाएंगे।
 

10 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य :  अगले वर्ष करीब 10 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसान का जोखिम कम होगा और किसी पशु की मृत्यु होने पर वह बीमा राशि से दोबारा पशु खरीद सकेगा। इससे उसका व्यवसाय बना रहेगा। सरकार ने छोटे व्यवसायियों के लिए भेड़-बकरी पालने की योजना भी शुरू की है। भिवानी जिले के लोहारू जिले में कई परिवारों को लाभान्वित किया गया है कोई भी जरूरतमंद पशुपालक इसका लाभ उठा सकता है और वह 20 से 25 भेड़-बकरी लेकर अपनी आमदनी बढ़ा सकता है। अगले वर्ष इस योजना में लाभार्थियों का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य है।

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