पलवल / मां कहती थी- इतना पढ़कर सेना में मत लग तो आशीष कहता था- मैं एयरफोर्स में देश सेवा करना चाहता हूं

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 04:44 AM IST



Palwal jawans martyred in Air Force aircraft
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Palwal jawans martyred in Air Force aircraft

  • आशीष के शहीद होने की सूचना आते ही मां दहाड़े मारकर रोने लगी और रोते-रोत कह रही थीं कि मेरा तो एक ही लाल था
  • अरुणाचल प्रदेश में क्रैश हुए वायु सेना के विमान में पलवल के जवान भी शहीद
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पलवल (भगत सिंह डागर). मुझे क्या पता था मेरा लाल इतनी पढ़ाई करने के बाद इतनी जल्दी हमारा साथ छोड़ जाएगा। मैं जब कहती थी बेटा फौज में मत लग तो कहता था कि देश की सेवा केवल फौज में लगने से होती है। मैं देश की सेवा करना चाहता हूं।

 

आशीष के शहीद होने की सूचना आते ही मां दहाड़े मारकर रोने लगी और रोते-रोत कह रही थीं कि मेरा तो एक ही लाल था, वह भी नहीं रहा मैं क्या करूं। इसके बाद महिलाएं उनको शांत करने में जुट जातीं। फिर कोई महिला घर आती तो फिर से रोने लगती हैं। घर में कई दिन से गायत्री मंत्र का जाप चल रहा था।

 

वायुसेना में ही रडार ऑपरेटर संध्या से फरवरी 2018 में आशीष की शादी हुई थी। दोनों पति-पत्नी जोरहाट एयरबेस में तैनात थे। 3 जून को वायुसेना के एयर क्रॉफ्ट एएन-32 विमान ने जोरहाट एयरबेस से दोपहर 12.25 बजे उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के 35 मिटन बाद ही पत्नी संध्या की रडार से संपर्क टूट गया था।

 

वायुसेना में ही करना चाहता था नौकरी :
आशीष तंवर के चाचा शिव नारायण ने बताया कि आशीष ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद गुड़गांव स्थित एक कंपनी में नौकरी जॉइन कर ली थी, लेकिन वह कहता था यह तो केवल कुछ समय के लिए कर रहा हूं, जाना तो मुझे वायुसेना में है। आशीष के परिवार के ज्यादातर सदस्य वायुसेना में नौकरी करते हैं। आशीष के पिता उदयबीर, उनकी बहन व जीजा भी वायुसेना में हैं। आशीष ने दिसंबर 2014 में वायुसेना में बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट जॉइन किया था। 

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