हरियाणा / फार्मा इंडस्ट्री में 25 हजार करोड़ का निवेश, 20 हजार नौकरी का लक्ष्य, स्टूडेंट्स कर सकेंगे रिसर्च

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 07:24 AM IST



Pharma industry invested 25 thousand crores in haryana, target of 20 thousand jobs
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Pharma industry invested 25 thousand crores in haryana, target of 20 thousand jobs

  • चुनाव आचार संहिता हटने के बाद सरकार अमल में लाएगी पॉलिसी
  • प्रदेश में फार्मास्यूटिकल पॉलिसी-2019 लागू, उद्योगपतियों को दी गई कई राहत

पानीपथ. प्रदेश में फार्मा इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए अब सरकार ने फार्मास्यूटिकल पॉलिसी-2019 बना दी है। इसमें हरियाणा में फार्मा इंडस्ट्री में 25 हजार करोड़ रुपए का निवेश और 20 हजार नई नौकरी का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में पॉलिसी के अनुसार निवेश होता है तो फार्मेसी की पढ़ाई करने वाले बेरोजगारों को इस क्षेत्र में नौकरी मिलना आसान होगा।

 

मार्च में चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया, लेकिन लागू अब किया जाएगा। इसके लिए इंडस्ट्री एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट ने पूरी प्लानिंग कर ली है। इस पाॅलिसी से फार्मेसी की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को भी फायदा होगा। इसमें इंडस्ट्री को एकेडमी से जोड़ा गया है। इसके अनुसार हरियाणा में फार्मेसी कॉलेजों एंव यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स फार्मेसी इंडस्ट्री में जाकर रिसर्च कर सकेंगे। इससे जहां इंडस्ट्री को नया रिसर्च मिल पाएगा। वहीं, स्टूडेंट्स को सर्टिफिकेट के साथ उस आर्थिक मदद भी दी जाएगी। 


दिल्ली से सटा होने के साथ हरियाणा से दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर जुड़ा है। नजदीक ही एयरपोर्ट है। ऐसे में यहां निवेश की संभावना ज्यादा बनती है। इसके अलावा इंडस्ट्री को कई जगह राहत भी दी गई है। बता दें कि हरियाणा में करीब उद्योगपतियों से निवेश को लेकर ड्रग डिपार्टमेंट की लंबे समय से बातचीत भी चल रही है। कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं।

 

इंडस्ट्री को मिलेगी सब्सिडी, महिलाओं को नौकरी देने पर भी दी जाएगी छूट
पाॅलिसी में उद्योगपतियों को लुभाने के लिए उन्हें कुछ जगह राहत देने का प्रावधान किया गया है। इसमें हरियाणा के लोगों को रोजगार देने को प्राथमिकता से जोड़ा गया है। यदि कोई इंडस्ट्री हरियाणा की रहने वाली एससी महिला को नौकरी देती है तो सरकार उसे सालाना 36 हजार रुपए की सब्सिडी देगी, जबकि सामान्य कैटेगरी की महिला को नौकरी देने पर 5 साल में 30 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा प्लांट लगाने वाली कंपनी को लागत का 25 फीसदी या अधिकतम 50 लाख रुपए वापस सब्सिडी के तौर पर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इंडस्ट्री को 25 लाख रुपए तक का ब्याज भी छोड़ा जाएगा।

 

5 साल बाद होगा बदलाव : इन्वेस्टर का काम सिंगल विंडो पर होगा। हर काम के लिए अधिकारियों का समय तय होगा। इसके अलावा प्रदेश में क्लस्टर डेवलप किए जाएंगे। पॉलिसी में 5 साल बाद जरूरत पड़ने पर बदलाव किया जा सकेगा।

 

प्रदेश में दवा की 251 यूनिट : प्रदेश में करीब डेढ़ साल में दवा बनाने की 23 नई मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट के लिए लाइसेंस दिया गया है। कुल 251 यूनिट हरियाणा में हो गई है, जबकि मेडिकल डिवाइस के लिए डेढ़ साल में 14 यूनिट का लाइसेंस मिला है। इसके अलावा कॉस्मेटिक मेन्यूफेक्चरिंग के लिए 29 लाइसें दिए गए, जबकि 112 यूनिट पहले से चल रही है।

 

सक्षम योजना से जुड़ेंगी इंडस्ट्री : पॉलिसी में सक्षम योजना को भी जोड़ा गया है। इसके तहत इंडस्ट्री में ट्रेनिंग करने वाले बेरोजगार युवाओं को सर्टिफिकेट दिए जाएंगे, जो उनके भविष्य में जॉब में काम आ सकेंगे।

 

प्रदेश को होगा फायदा: नरेंद्र : 'पॉलिसी लागू कर दी गई है। अब चुनाव आचार संहिता हटने के बाद इसे अमल में लाया जाएगा। प्रदेश में करनाल में फार्मा पार्क डेवलप किया जा रहा है। इसमें इंडस्ट्री के लिए लैब आदि सभी सुविधाएं हैं। पॉलिसी से इंडस्ट्री क्षेत्र और प्रदेश को खासा फायदा होगा।' -नरेंद्र आहूजा, चीफ ड्रग कंट्रोलर, हरियाणा। 

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