हरियाणा / बीरेंद्र सिंह की लॉबिंग हुई फेल, मंत्रिमंडल में नहीं शामिल करवा सके बेटे बृजेंद्र को



भाजपा राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह। (फाइल) भाजपा राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह। (फाइल)
X
भाजपा राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह। (फाइल)भाजपा राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह। (फाइल)

  • आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हैं बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह
  • हिसार लोकसभा सीट से देवीलाल के पोते दुष्यंत चौटाला को हराकर पहुंचे हैं संसद

Dainik Bhaskar

May 31, 2019, 11:20 AM IST

पानीपत (मनोज कौशिक)। आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र  सिंह मोदी मंत्रिमंडल में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सके। उनके पिता ने उनके लिए पूरजोर लॉबिंग की थी लेकिन उनके सारे समीकरण फेल हो गए। बीरेंद्र सिंह चुनाव से पहले खुद भी मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे चुके हैं, अपने बेटे के लिए उन्होंने राज्यसभा सांसद तक की सदस्यता छोड़ने के लिए पार्टी को पत्र भेज दिया था। ये सब कहीं न कहीं इसी ओर इशारा था कि उनकी जगह बेटे को लाभ दे दिया जाए।
 

अमित शाह तक लगा रखा था बीरेंद्र सिंह ने जोर

  1. अपने बेटे के लिए बीरेंद्र सिंह चुनाव के नतीजे आने के बाद से लॉबिंग कर रहे थे। उन्होंने अमित शाह के जरिए पूर जोर प्रयास किया लेकिन उनका नाम नहीं आया। हालांकि कयास ये लगाए जा रहे थे कि भाजपा जाट वोट बैंक को प्रभावित करने के लिए बृजेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करेंगी। बृजेंद्र सिंह आईएएस से वीआरएस लेकर आए हैं तो उनके पास प्रशासनिक अनुभव भी है, जो सरकार के काम आएगा। लेकिन ये कयास धरे के धरे रह गए।  

  2. पहले भी हरियाणा से तीन का कोटा था, इस बार बीरेंद्र सिंह का नाम काटकर कटारिया को दे दी जगह

    पहले मोदी मंत्रिमंडल में हरियाणा से तीन सांसद थे। गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत और फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर 2014 में भी मोदी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे। उन्हें एक बार फिर से मौका दिया गया है। वहीं कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए बीरेंद्र सिंह को शाह ने राज्यसभा के जरिए संसद में एंट्री दिलवाई थी। इसके बाद उन्हें मंत्री पद भी दिया गया था। इस तरह हरियाणा के तीन सांसदों को मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी।

  3. इस बार बीरेंद्र सिंह का नाम काटते हुए उनकी जगह रत्न लाल कटारिया को दे दी गई है। रत्न लाल कटारिया अम्बाला लोकसभा में कांग्रेस उम्मीदवार कुमारी सैलजा को हराकर संसद पहुंचे हैं। वे दलित चेहरा है, आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें यह जगह मिली है। 
     

  4. सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले ब्राह्मण उम्मीदवार नहीं बन सके चेहरा

    हरियाणा की सबसे चर्चित सीट में से एक रोहतक सीट पर दीपेंद्र हुड्डा को हराकर संसद पहुंचने वाले ब्राह्मण उम्मीदवार अरविंद शर्मा को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। हालांकि उनकी जीत की चर्चा पूरी भाजपा में थी। 2014 में मोदी लहर के बावजूद भाजपा यह सीट हार गई थी। ऐसे में हुड्डा गढ़ को तोड़कर जीत हासिल करने वाले अरविंद शर्मा के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन उनका नाम नहीं आया।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना