जींद उपचुनाव / कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- हार के डर से टाला उपचुनाव, सीएम का जवाब- हम पूरी तरह तैयार

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 04:37 AM IST



मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टरमुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर

  • जींद पहुंचे सीएम ने कहा- तारीख घोषित करना चुनाव आयोग का काम
     

जींद/राजधानी हरियाणा. जींद उपचुनाव को लेकर प्रदेश में सरगरमियां तेज हो गईं हैं। इसे सरकार और विपक्षी दलों की अहम परीक्षा माना जा रहा है। इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने चंडीगढ़ में कहा कि सरकार हार के डर से उपचुनाव को टाल रही है। इस पर पलटवार करते हुए जींद पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने कहा कि हम जींद उपचुनाव के लिए तैयार हैं, तारीख घोषित करना चुनाव आयोग का काम है। हो सकता है जल्द ही चुनाव आयोग इसकी घोषणा कर दे। 

 

चुनाव डिले कराने के लिए विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं, क्योंकि सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती। यह सब चुनाव आयोग को देखना है कि कब चुनाव कराया जाना है। सीएम शनिवार को जिले के विभिन्न तीर्थ स्थलों के दौरे के दौरान पांडु-पिंडारा  में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 

 

सीएम ने बताया कि प्रदेश में कुरुक्षेत्र से 48 कोस की परिधि में आने वाले 134 तीर्थ  स्थल हैं। वे उन सब जगहों पर जा रहे हैं। अब तक वे करनाल, कुरुक्षेत्र जिलों में तीर्थ स्थलों का दौरा कर चुके हैं। इस  दौरान जहां भी तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने से लेकर अन्य सुविधाओं की जो कमी है उनको दूर कर रहे हैं। 

 

सरकार ने आयोग को लिखा है चुनाव टालने को पत्र:

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि भाजपा सरकार ने यह उपचुनाव टालने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है और चुनाव आयोग ने जींद उपचुनाव टालने की मंजूरी दे दी है। तंवर ने कहा कि प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराए जाएं।

 

तंवर ने कहा कि हरियाणा में बेमौसम की ओलावृष्टि और वर्षा के कारण फसलों को काफी हानि हुई है। सरकार से मांग है कि फसल के नुकसान का जायजा लेने के लिए तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। डॉ. तंवर ने कहा कि हरियाणा सरकार का खजाना बिल्कुल खाली हो चुका है और इसका बैलेंस शून्य है। इस पर श्वेत-पत्र जारी किया जाए। वहीं, उन्होंने गुड़गांव नगर निगम वार्डबंदी में धांधली के आरोप लगाए हैं।

 

फसलों की हो विशेष गिरदावरी, किसानों को मिले मुआवजा:

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा है कि प्रदेश में पिछले दिनों हुई बरसात से किसानों की धान की फसल पानी में डूब गई है। सरकार को चाहिए कि विशेष गिरदावरी कराए, ताकि किसानों के नुकसान की भरपाई हो सके। शनिवार को उनके चंडीगढ़ निवास पर अम्बाला के किसान पहुंचे।

 

उन्होंने पूर्व सीएम को बताया कि भारी बरसात की वजह से उनकी फसल को नुकसान हुआ है। भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा कि सरकार तुरंत गिरदावरी करवा कर कम से कम 20000 रुपए प्रति एकड़ अंतरिम और नुकसान के अनुसार 30000 रुपए प्रति एकड़ तक निर्धारित कर किसानों को राहत दी जाए। जिन किसानों के खेतों में जल भराव हो गया है उनकी जमीन से पानी निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जाए ताकि अगली फसल की बुवाई से पूर्व पानी पूरी तरह निकाला जा सके।

 

डीसी को दिए हैं खेतों से पानी निकलवाने के निर्देश
सीएम मनोहरलाल ने कहा कि बारिश से खेतों में जलभराव की 8 जिलों में समस्या थी। इसको उन्होंने गंभीरता से लिया  और डीसी व सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग कर इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं।

 

पांच जिलों में निकासी हो गई, लेकिन जींद समेत तीन जिले अब ऐसे हैं, जहां समस्या बनी है। अगले 4-5 दिनों में यहां भी पानी की निकासी हो जाएगी। इसके अलावा निकासी के लिए सरकार किसानों पंप सेट, मोटर  डीजल तेल आदि उपलब्ध करवा कर मदद कर रही है। 

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